मेरी कुवारी चूत की पहली चुदाई अंकल के साथ

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दोस्तों मेरा नाम राधिका है. मेरी उम्र १९ साल है. मेरा फिगर ३४-२६-३४ है. मेरी हाइट ५ फुट ४ इंच है मेरा रंग गोरा है. इतना तो कह सकती हूं जो एक बार मुझे देख ले और उसका लंड खड़ा ना हो तो वह मर्द नहीं. मेरे घर में मेरे पापा और दो भाई हैं.

मेरे दोनों भाई पढ़ाई करने के लिए दूसरे शहर में रहते हैं. मेरे पापा सुबह ८ बजे निकल जाते हैं तो रात को लेट आते हैं. मेरी मां का देहांत एक कार एक्सीडेंट में १० साल पहले ही हो गया था, जब मैं ९ साल की थी. उसके बाद पापा ने ही मुझे बड़ा किया. अब मैं अपनी स्टोरी पर आती हूं. मेरे पड़ोस में एक अंकल रहने के लिए आए थे. अंकल का नाम आशीष था, और उनकी उम्र ३० साल थी.

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पर मुश्किल से २५ साल के लग रहे थे. वह यहां अकेले ही रहते थे और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे. मैं जब भी स्कूल या कहीं बाहर जाती तो वह मुझे अपनी बालकनी से घूर घूर कर देखते रहते थे उस वक्त हमारे बीच कोई बातचीत नहीं होती थी.

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एक दिन अंकल मेरे घर आए.

अंकल – घर पर कोई है?

मैं – जी कहिए.

अंकल – फोन का चार्जर मिलेगा? मेरा बिगड़ गया है, चार्ज करके वापस करता हूं.

मैं – रुको अभी लाती हूं.

अंकल चार्जर लेने के बाद मुझसे बातें करने लगे  और मेरे परिवार में कौन है क्या करते हैं यह सब पूछने लगे. मेरी उमर उस वक्त 18 साल की थी. वह पढ़ाई के बारे में भी पूछ रहे थे. मुझे पहले से मैथमेटिक्स नहीं आती थी. अंकल ने कहा मेरे पास आके सीख लो. मैं खुश हो गई. मुझे उनके घर जाने में कोई दिक्कत नहीं थी. मेरे पापा कभी किसी चीज के लिए रोकते या टोकते नहीं थे. जब मैं पहले दिन अंकल के घर गई तो वह मेरा ही इंतजार कर रहे थे. मैं अंकल के पास सीख कर वापस आ गई. १०-१५ दिन ऐसे ही सिलसिला चला. एक दिन में अंकल के घर गई तो वह बेड पर लेटे हुए थे, और उन्होंने कहा कि आज उनसे मिलने कोई आ रहा है, और वह मुझे पढ़ा नहीं सकेंगे. मैं अपने घर पर वापस आ गई. वापस आने के बाद मुझे बहुत बुरा लगा कि अंकल ने पढ़ाने से मना कर दिया.

उस टाइम मुझे पढ़ाई की वजह से नहीं पर किसी और बात से बुरा लग रहा था. जवानी अब मेरे कदम छू रही थी. मुझे अंकल के साथ रहने की आदत हो गई थी. वह मुझे पढ़ाते थे और साथ में मस्ती भी करते थे, उन से बातें करना अच्छा लगता था. पर अंकल ने मना कर दिया था तो बुरा लग रहा था. दूसरे दिन में पढ़ने नहीं गई, अंकल मुझे बुलाने आये. मैंने उसे गुस्से में कह दिया आपने सब सिखा दिया है, अब मुझे नहीं पढ़ना आप से. और दरवाजा बंद कर दिया. उन्होंने फिर से नोक किया और अंदर आ गए. वह मुझे अकेले में रेड्स कहकर बुलाते थे.

अंकल – रेड्स क्या हुआ? नाराज हो.

मैं – नहीं तो, मैं क्यों नाराज होंगी?

अंकल – कल नहीं पढ़ाया इसलिए नाराज हो?

मैं – हां.

अंकल – कल मेरे घर मेरे बोस आने वाले थे और उनसे ही मीटिंग थी बिजनेस के बारे में, इसलिए मना किया.

मैं – मुझे नहीं बात करनी, आप जाओ.

मे रुम में चली गई, अंकल मेरे पीछे आए और कहा राधिका समझो, सच में काम था इसलिए नहीं पढ़ा सका. मैंने कुछ नहीं कहा, बेड पर मेरे पास आकर बैठ गए. और कहा राधिका एक सच्ची बात बताऊ? तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो. तुम मुझसे बात करती हो तो मैं सुनता रहू ऐसा दिल करता है. मैं उनकी बात सुनकर शर्मा गई.

अंकल ने कहा कि आग दोनों तरफ बराबर की लगी है, अभी समझ आया इतना गुस्सा क्यों आ रहा था. अंकल ने मुझे गोद में उठा लिया और मेरा गाल पर सर पर किस कर दी. फिर अंकल ने कहा मैं चलता हूं ऑफिस जाना है, अभी शाम को आ जाना पढ़ने के लिए.

शाम को जब मैं अंकल के घर गई तो देखा कि वह ऑफिस से आके सो रहे थे. मैंने उनके लिए चाय बनाई और फिर उन को जगाया. अंकल ने उठकर हग किया और बोले लव यू माय जान.. चाय पी और कहा तुम बैठो मैं नहा कर आता हूं. वह नहाने चले गए. थोड़ी देर बाद आवाज लगाई कि रूम से मेरा टॉवल लाकर दूं.

मैं देकर वापस आ गई. वो टोवेल में बाहर आ गये, उन्होंने कहा जान कपड़े निकाल कर दो, मैंने उनको टीशर्ट और ट्राउज़र निकाल कर दिया.

राधिका माय जान मैं अंडरवेअर भी पहनता हूं, वह भी निकाल कर दो. मैंने शरमाते हुए दे दिया. उस दिन हमने मस्ती की खाना खाया और सो गई.

सुबह पापा ऑफिस चले गए उसके बाद मैं अंकल के घर चली गई. उनके घर की एक चाबी मेरे पास भी रहती है. वह नाइट शिफ्ट कर के आए नहीं थे. मैं उनके लिए चाय और नाश्ता बना रही थी. अंकल आए और मुझे हग दिया, मैंने उनको चाय दी हमने साथ में चाय पी और बात कर रहे थे.

अंकल – राधिका तुम मुझे अंकल नहीं आशीष बोला करो.

मैं – पर क्यों? आप मुझसे काफी बड़े हैं.

अंकल – पर हमारा रिश्ता प्यार का है.

अब वह मुझे अपनी बीवी की तरह ही ट्रीट करते थे. मैं अंकल का सब काम कर देती थी. फिर ज्यादा ना सोचते हुए हां कर दीया, ठीक है मैं आपको आशीष ही बुलाऊंगी.

आशीष – जब तुम मेरा हर काम एक बीवी की तरह करती हो, तो एक और काम भी मुझे करना चाहिए.

मैं – कौन सा काम.

आशीष – सच्ची में मेरी बीवी बनो, मुझे बीवी की तरह तुम्हारा प्यार चाहिए.

मैं शर्मा गयी मुझे पहले से ही सेक्स के बारे में सब पता था, मैं इंटरनेट से सब पता कर चुकी थी. आशीष पास आए और मुझे हग कर लिया, मुझे गोद में उठा कर बेड रूम में ले गए. मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे ऊपर लेट गए. मैंने उनसे कहा मैंने आज तक कभी चुदाई नहीं की है.

आशीष मुस्कुरा कर बोले कोई बात नहीं मेरी जान, तुम्हे बहुत प्यार से चोदूंगा. आशीष ने मुझे किस करना शुरू कर दिया. पहला किस मुझे गाल पर किया. फिर मेरे गले पर किस किया. यह मेरा पहला अनुभव था. आशीष के किस की वजह से मेरे अंदर कुछ अलग ही फीलिंग उठ रही थी. फिर आशीष ने मुझे होठों पर चूम लिया मेरे होठों को अपने होठों से दबा दिया और ५ मिनट तक चूमते रहे.

आशीष मुझे चोदने के लिए जरा भी जल्दी नहीं कर रहे थे, पर उन्होंने मुझे कहा राधिका मेरे शर्ट के बटन खोल दो, और निकाल दो. मैंने उनके शर्ट के बटन खोल दिये और शर्ट निकाल दी. राधिका अपने हाथ ऊपर करो, मुझे तुम्हारा टीशर्ट निकालना है. मैं शर्मा गई और मना कर दिया. आशीष बोले जान अपने पति से कैसी शर्म? बीवी को देखना पति का हक होता है. मैंने हाथ ऊपर किए और टीशर्ट निकाल दी. मैं उनके सामने पहली बार बिना टी शर्ट के थी, मेरे बूब्स उस वक्त ३२ साइज के थे.

वह मेंरे बूब्स को मसलने लगे और मेरे अंदर एक मीठी सी सिहर उठी, में तो जेसे शर्म से लाल हो गई. आशीष ने मेरी ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया और मेरे बूब दबाने लगे. आशीष ने खुद अपनी बनियान उतार दी. मुझे आशीष की नंगी छाती देखना बहुत पसंद है. आशीष मेरे लिए अपनी छाती के सारे बाल साफ कर देते हैं. फिर आशीष ने मेरी पेंट उतार दी और मेरी  जांघ पर किस करने लगे मुझे बहुत ज्यादा उत्तेजना हो रही थी और मैं पूरी तरह मचल रही थी. फिर उन्होंने मेरी पैंटी खिंच कर निकाल दी और मेरी चूत उनके सामने नंगी थी, पर उस वक्त मेरी बगल और चूत के बाल साफ नहीं किए थे, चूत के बाल मैंने आज तक साफ नहीं किए थे.

आशीष ने मुझसे कहा राधिका बाथरूम में जाओ मैं हेयर रिमूवर क्रीम लेकर आया और मुझे कहा पहले तुम्हारी बगल की सफाई करेंगे. उन्होंने मेरी बगल में क्रीम लगा दिया आशीष ने मुझे मेरे पैर फैलाने को कहा. मैने शरमाते हुए अपने पैर फैला दिए. और आशीष ने मेरी चूत पर क्रीम लगा दी, बाल के झुंड में मैंने भी आज तक अपनी चूत ठीक से देखी नहीं थी. थोड़ी देर बाद आशीष ने पानी मेरी बगल और चूत साफ कर दी, मैंने देखा तो मेरी चूत एकदम गोरी और फूली हुई थी. एकदम लाल टमाटर की तरह दिख रही थी.

हम दोनों बाथरूम में गये, आशीष ने मुझे बेड पर लेटा दिया और हेयर ओईल की बोतल लेकर आया, उन्होंने अपनी उंगली को तेल में डुबोया और मेरी चूत के छेद में घुसा दी.

मैं सिर्फ अपनी एक उंगली डालती थी और आशीष की उंगली काफी मोटी थी तो मुझे दर्द हुआ और मेरे मुंह से हल्की सी चीख निकल गई. आशीष ने कहा कुछ नहीं होगा आराम से करूंगा. आशीष ने अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगे और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, थोड़ी देर बाद आशीष ने मुझे अपना लंड दिखाया.

मैं तो उनका लंड देखकर डर गई. ८ इंच लंबा और २.५ इंच चौड़ा था. मेरा चेहरा देख कर आशीष बोले फिकर मत करो, यह तो आराम से तेरी चूत में चला जाएगा. वह मेरी चूत सिर्फ अपने लंड से ही बड़ी करना चाहते थे इसलिए एक उंगली डालने के बाद सीधा लंड घुसाना चाहते थे.

आशीष समझ गए थे कि मैं डरी हुई हूं, ज्यादा समय ना बिगाड़ते  हुए अपने लंड  पर तेल लगा दिया और मेरी चूत पर भी तेल लगा दिया, मैं तो उत्तेजित थी पर साथ में बडा लंड  देखकर डर भी लग रहा था.

आशीष मुझे प्यार से समझा रहे थे कि कुछ नहीं होता, तुम्हें पता भी नहीं चलेगा ऐसे आराम से चूत में चला जाएगा. मेरे कमर के नीचे एक तकिया रख दिया और मेरे पैर के बीच में आ गये, आशीष अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगे. काफी देर तक मुझे किस करते रहे और बूब्स मसलते रहे.

फिर अपना लंड मेरी चूत के होल पर टिकाया और एक जोर का झटका मारा पर पहली बार लंड फिसल गया. आशीष ने फिर से मेरी चूत के छेद पर लंड टिकाया और एक और झटका दिया और वह मेरी चूत में चला गया. आशीष मुझे बहुत दर्द हो रहा है मैं रोने लगी मुझसे कहा जान पहली बार अगर दर्द ना हो तो उसे पहली चुदाई नहीं कहते. आशीष एक्सपीरियंस थे इसलिए मेरी चूत में एक ही झटके में २ इंच लंड मेरी चूत में उतार दिया. वह चुदाई का पूरा आनंद लेना चाहते थे इसलिए मैं चीख रही थी फिर भी मेरा मुंह बंद नहीं किया.

एक मिनट रुकने के बाद फिर से एक बहुत तेज धक्का दिया और पूरा लंड मेरी चूत की जिल्ली को चिरता हुआ अंदर उतर गया. मेरे मुंह से जोर से चीख निकल गई, मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया और मैं बेहोश हो गई.

५ मिनट बाद आंख खुली तो आशीष मेरे ऊपर ही सोए हुए थे. राधिका तुम ठीक हो ना, मेरे मुह से आवाज ही नहीं निकल रही थी. मैंने हां में सिर हिलाया  आशीश ने पूछा अब दर्द तो नहीं है ना? मैंने कहा थोड़ा है. फिर आशीष अपना लंड धीरे धीरे हिलाने लगे, जैसे लंड हिला मुझे वापस तेज दर्द उठा में चिल्लाने लगी. आशीष इसे निकालो बहुत दर्द कर रहा है. आशीष ने कहा मेरी जान पहली बार है उसके बाद नहीं होगा. फिर बिना मेरी सुने अपना लंड तेजी से अंदर बाहर करने लगे और मैं चिल्ला रही थी, प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है, और आशीष ने मेरी एक ना सुनी और वह १० मिनट तक मुझे चोदते रहे.

फिर उन्होंने मेरी चूत से लंड निकाला और मुझे उल्टा कर दिया और घोड़ी बना दिया. और पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा दिया और मैं फिर से चीख पड़ी, बहुत दर्द हो रहा है आशीष.

वह बिना सुने मुझे चोदे जा रहे थे. थोड़ी देर बाद फिर से मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे पैर अपने कंधे पर रखकर चोदने लगे. मेरी चूत में इतना दर्द हो रहा था कि मैं बता नहीं सकती थी. पर कहीं ना कहीं चुदाई की उत्तेजना भी थी, इसलिए मैं २ बार झड़ चुकी थी.

आशीष का पानी छूटने वाला था तो मुझे और जोर से लंड के झटके मेरी चूत में मारने लगे और अपना सारा पानी मेरी चूत में निकाल दिया और मेरे ऊपर ही लेट गये, मेरी चूत की पहली बार में ही चटनी बन गई थी, बहुत तेजी से मेरी चूत में दर्द हो रहा था. आशीष मुझे उठाकर बाथरुम ले गए, मैंने देखा तो मेरी चूत खून से लाल हो गई थी. आशीष ने बताया कि तुम्हारा कुंवारापन आज खत्म हो गया है, और मेरी बीवी की मोहर आज मैंने लगा दी है. मुझसे चला नहीं गया तो आशीष उठा कर बेड में ले आए और हम दोनों थक के सो गए.

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