प्लेन से गया आंटी को चोदने के लिए

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हाई दोस्तों मेरा नाम नील पाटिल हैं और मैं दिखने में स्लिम लेकिन सेक्सी लड़का हूँ. मेरा लंड 6 इंच का लम्बा और 2 इंच चौडा हैं. मेरे अंदर चोदने का अच्छा स्टेमिना हैं और मैं कामसूत्र की अलग अलग पोजीशन में सेक्स करना पसंद करता हूँ. मुझे सेक्स में औरत को इज्जत देने में कोई ऐतराज़ नहीं हैं. क्यूंकि मैं समझता हूँ की औरत और पुरुष एक ही हैं सिर्फ उनका लिंग अलग अलग हैं.

आज की ये कहानी कुछ दो हफ्ते पहले की हैं. मेरी एक आंटी हैं जिसका नाम रेखा हैं. उसे मैंने अपने बचपन में एक बार नोकर का लंड लेते हुए देखा था. और फिर मैंने खुद ने उसे नोकर के साथ मिल के ही चोदा भी था. लेकिन फिर आंटी के पति यानि की मेरे अंकल जी का तबादला हो गया. और वो लोग कानपुर चले गए. अभी कुछ दिनों पहले ही आंटी ने नया नया फेसबुक बनाया और उसके अन्दर मुझे एड किया उसने. मेरे अन्दर उसकी पुरानी चुदाई के ख़याल जाग गए.

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जब मैंने आंटी को चोदा था तब उसके कोई औलाद नहीं थी. और अभी भी वही हालत थी उसकी. आंटी ने मुझे फेसबुक के ऊपर कहा की वो अपने पति से गर्भवती नहीं होगी शायद. उसने मुझे कहा की नोकर का लंड भी वो उसके लिए ही लेती थी की उसे एक बच्चा हो जाए. मैंने कहा मैं आप की क्या मदद कर सकता हूँ. वो बोली मुझे प्रेग्नेंट होना हैं जल्दी से अब. क्यूंकि मेरी उम्र ढल रही हैं और अब नहीं हुई तो मेरी मासिक भी बंद हो जायेगी कुछ दिनों में.

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आंटी ने बोला की उसे सब बांज कह के बुलाते हे. और तो अंधश्रध्धा की वजह से लोग उसे शुभ काम में आगे नहीं आने देते हैं. मैंने कहा ओके. आंटी ने कहा मैं प्रेग्नेंट होना चाहती हूँ! मैंने कहा लेकिन आप लोग तो कानपुर मैं हो उतनी दूर! आंटी ने कहा तू आ जा यहाँ, तेरे अंकल एक हफ्ते के लिए बहार जा रहे हैं.. आंटी ने मुझे कहा अपना अकाउंट नम्बर दे मैं पैसे भेजती हूँ उस से प्लेन का टिकिट ले लेना और जल्दी से कानपुर आ जा.

मैं आंटी के भेजे हुए पैसो से ही इंडिगो प्लेन का टिकिट ले के पूना से कानपुर चला गया. आंटी का घर एक लक्जूरियस रो हाउस में था. और अच्छी बात ये थी की वहां बड़े बड़े घर के लोगो को पड़ोसियों के लिए वक्त नहीं था. आंटी ने मुझे पहले ही बोला था की घर की कामवाली को उसने छुट्टी दे दी हैं. मैं आंटी के घर पहुँचा. उसे कॉल किया तो उसने सही जगह दिखाई. मैंने दरवाजे की घंटी बजाई.

आंटी ने जब दरवाजा खोला तो वो अपनी लाईट ब्ल्यू साडी में बड़ा ही सेक्सी माल लग रही थी. मेरे दिमाग के अन्दर सालों पहले उसे लंड चूसा के चोदा था वो सिन आ गया. तब तो मैं बहुत छोटा था. आंटी ने मुझे ऊपर से निचे तक देखा और बोला बहुत बड़े हो गए हो तुम. वो बड़ी खुबसुरत लग रही थी.

मैं घर में गया आंटी के पीछे और उसने मुझे हॉल में एक काउच के ऊपर बिठा दिया. फिर वो एक कप कोफ़ी ले के आई और साथ में उसके चहरे के ऊपर बड़ी सेक्सी स्माइल भी थी. वो जैसे ही कोफ़ी देने के लिए झुकी मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया. वो कुछ नही बोली.

आंटी ने कहा अरे मेरे राजा एक हफ्ते के लिए मैं तो फ्री हूँ तुम्हारा लेने के लिए. अब इतनी जल्दबाजी टी ना करो मेरे राजा!

मैंने कोफ़ी पी ली. आंटी ने कहा फ्लाईट से आये हो जाओ आराम से नाहा लो तब तक मैं खाना बना देती हूँ. मैं नाहा के चला गया और वो किचन में गया. मैं नाहा के उसके पास चला गया किचन में. मैंने आंटी को पीछे से पकड़ लिया और उसके नेक के ऊपर किस दे दी. वो बोली, देखो फिर से बेसब्री, जरा आराम से. मैंने कहा आप को देख के अब सब्र नहीं होता हैं आंटी. आप अपना काम करो और मैं अपना काम करता हूँ.

वो कुछ नहीं बोली. मैं धीरे धीरे उसके गर्दन के उपर किस किये जा रहा था. फिर उसके कान को लिक किया और बाईट भी. उसने हलकी सी मोअन की. आंटी ने साडी के अंदर स्लीवलेस ब्लाउज पहना हुआ था. मैंने आंटी के बाल एक साइड में कर के उसकी पीठ के ऊपर किस करना चालू किया. वो और भी गरम हो रही थी. फिर बोली अब जाओ और कुछ देर टीवी देखो मैं खाना ले के आती हूँ.

मैं टीवी देखने लगा और वो कुछ ही देर में खाना ले के आई. फिर हमने खाना खाते हुए बातें की और एक दुसरे के बारे में बहुत सब कुछ डिसकस किया. आंटी ने कहा की तुमसे पहले भी सेक्स किया हैं और मैं जानती हूँ की तूम मेरे बच्चे की उम्मीद को पूरा करोगे.

खाना ख़तम हुआ और हॉल में जाकर बैठ गए हम. आंटी अपने बेडरूम में गई और एक सेक्सी पर्पल कलर की मेक्सी पहन कर आई. और वो आते ही सीधे मेरी गोदी के अन्दर बैठ गई और बोली जानू लो अब जो करना हैं कर लो. हमने किसिंग शरु की एक दुसरे को.हम दोनों जानवर के जैसे जोश में एक दुसरे को चूम रहे थे. 20 मिनिट की किसिंग के बाद वो मेरा हाथ पकड कर अपने बेडरूम में लेकर गई.

बेडरूम में आंटी ने मेरे कपडे उतार दिए और मुझे बेड के ऊपर लिटा दिया उसने. और अब वो मेरी पूरी बॉडी के ऊपर किस करने लगी थी. कभी नेक पर तो कभी मेरी निपल्स पर. फिर मैंने एक झटके मैं उसकी मेक्सी उतार दी. अन्दर उसने कुछ भी नहीं पहना था सिर्फ उसके नंगे बूब्स मेरे सामने थे.

फिर क्या था मैं उसे बेड के ऊपर लिटा दिया और उसकी आँखों से शरु कर के धी धीरे गाल, फिर लिस, फिर गर्दन, और फिर उसके सेक्सी बूब्स को चूसने लगा. वो मचलने लगी और अह्ह्ह अह्ह्ह ओह याह अह्ह्ह और तेज चुसो, दबाओ, अह्ह्ह निचोड़ लो मुझे, ऐसे सब बोलने लगी.

मैं और भी जोर जोर से उन्हें दबाता और चूसता गया. फिर मैं उसके पेट को किस कर रहा था. वो मेरे बालों को पकड़ रही थी और आँखे बंद कर के मोअन कर रही थी. उसका फेस उस वक्त देखने लायक था. आंटी का चहरा एकदम कमसिन लग रहा था और वो मोअन कर रह थी.

और अब मेरी नजर आंटी की सब से सेक्सी चीज के ऊपर पड़ी,, उसकी क्लीन शेव्ड चूत! मैंने अपनी जबान को जैसे ही उसकी चूत के ऊपर लगाईं तो उसके बदन में जैसे करंट लगा. और वो उछलने लगी. मैं उसके क्लाइटोरिस को चूस रहा था और वो मेरे बालो को पकड़ कर जोर जोर से दबा रही थी. और आहे भर रही थी. फिर मैंने एक उन्द्ली से उसका क्लाइटोरिस जरा दबाया और रब किया. और अपनी जबान से उसकी चूत को चाटने लगा. वो बोली ऐसा मज़ा तो तेरे अंकल ने कभी नहीं दिया. आज तुम्हे बुलाकर मैंने कोई गलती नहीं की मेरे राजा. मेरी चूत को चाट चाट के उसका पानी निकाल दो. मैं और भी मस्ती से उसकी चूत को चुसता और चाटता गया. 10 मिनट में उसके बदन में झटके लगे और वो मेरे मुहं में ही झड़ भी गई.

उसके बाद आंटी मेरे ऊपर आई और किस करते करते मेरे लंड तक आ गई. और बड़े प्यार से चूसने लगी. मैं तो एकदम से खो गया था जैसे पूरा के पूरा. कुछ 20 मिनट के बाद मेरा माल निकल गया और वो पूरा के पूरा पी गई. और मुझे चिपक के लेट गई. थोड़ी देर बाद हम फिर 69 पोजीशन में आ गए 10 मिनिट के बाद मैं फिर से रेडी हो गौ और उसकी मिशनरी पोजीशन में लिया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो पागल हो गई और बोलने लगी प्लीज़ चोदो अब मुझे प्लीज़ जल्दी से!

एक ही शॉट में पूरा लंड अन्दर डाल दिया और उसको किस करता रहा. फिर वो निचे से कमर हिलाने लगी. और मैं शरु हो गया उसे चोदने. 30 मिनिट बाद वो झड़ गई और फिर उसको डौगी स्टाइल में लिया और चोदने लगा. फिर करीब 15 मिनिट बाद मैं उसकी चूत में हीझड़ गया. और वो दूसरी बार झड़ गई थी. तब और उसके ऊपर लेटा रहा और उसके बूब्स के ऊपर अपना सर रख दिया मैंने.

फिर वो ऐसे ही नंगी होकर अपने बाल ऊपर बांध के कीचन में चली गई. और एक बड़े ग्लास में मेरे लिए ज्यूस लेकर आई. और वो मेरे पास आ के बैठ गई. हम दोनों ने एक ही ग्लास से ज्यूस पिया. और किसिंग स्टार्ट कर दी ज्यूस ख़तम होते ही. मैं फिर उसको लेकर डाइनिंग टेबल पर गया और उसको ऊपर लिटा दिया.

और फिर मैं खुद चेयर के ऊपर बैठ कर उसके पैरों को कंधो पर लेकर उसकी चूत को चाटने लगा और उसको ऊँगली से चोदने लगा . वो बीएस पागल हो रही थी. फिर मैंने अपनी पेंट से केडबरी ले आया और उसकी चूत के अन्दर डालकर खाने लगा. वो तो अलग ही दुनिया में पहुँच गई थी और जोर जोर से मोअन कर रही थी. अह्ह्ह अह्ह्ह्ह खा जा मेरी चूत और अपने होंठो को दांतों के निचे दबा दिया था उसने!

मेरा लंड फिर से खड़ा हो चूका था. उसको डाइनिंग टेबल पर उल्टा दुलाया और पीछे से उसकी चूत चोदने लगा. वो चिल्लाने लगी आह्ह अह्ह्ह पहली बार इतना मज़ा आ रहा हैं, औच और जोर से मारो धक्के अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह औईई अह्ह्ह्ह!

मैं भी आंटी की कमर को पकड़ के उसे जोर जोर से चोदने लगा लगा था. फिर मैंने आंटी इ बाल खोल दिए और उन्हें पकड़ कर चोदने लगा. करीब 35 मिनिट बाद उसके चूत में ही झड़ गया मैं. वो भी मेरे साथ ही झड़ गई और टेबल पर लेटी रही.

अब शाम हो चुकी थी. वो बोली हम थोडा आराम करते हैं, तुम्हारे लिए एक सरप्राइज हैं रात को डिनर के बाद. फिर हम बेडरूम में नंगे ही सो गए एक दुसरे को हग कर के. करीब 8 बजे हम उठ गए, फ्रेश हुए और वैसे ही नंगे हॉल में आकर काउच के ऊपर बैठ के बातें करने लगे. फिर आंटी ने कॉल कर के बहार से खाना मंगवा लिया.

करीब साड़े नव बजे डिनर कर के बेडरूम में चले गए. वो बोली अभी सरप्राइज के लिए तैयार हो जाओ. और वो नहाने चली गई और 15 मिनिट बाद वो टॉवल लपेट कर आई. उसको देख कर तो मैं बस पागल हो गया, भीगा हुआ बदन भीगे उए बाल और उसके चहरे पर एक नोटी स्माइल. वो आते ही अपना टॉवल गिरा कर घुम गई. और मेरी तरफ अपनी गांड कर के खड़ी हो गई.

मैं बोला क्या सरप्राइज हैं वो बोली जल्दीस इ आंटी! वो बोली यही तो सरप्राइज हैं!

मैं कुछ समझा नहीं! वो बोली अरे बुध्धू ये जो तुम मेरी गांड देख रहे हो ना ये अब तक वर्जिन हैं और आज तुम्हे चोदने को मिलेगी.

मैं खुश हुआ और उसको हग कर लिया पीछे से. और हम किस करते करते बेड पर आ गए. वो डायरेक्ट डौगी स्टाइल में हो गई और बोली वो तेल की बोतल लो और शुरू हो जाओ. मैंने कहा आज आप की गांड ऐसी मारूंगा की तुम खुश हो जाओगी!

मैं उठ कर बोतल ले आया और उसकी गांड के होल पर डाल दिया. और 2 उँगलियाँ डालकर तेल उसकी गांड के अंदर भी लगा दिया. और अपने लंड पर भी लगा लिया और धीरे धीरे उसकी गांड में लंड घुसा रहा था.

वो दर्द से चिल्ला रही थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह धीरे से डालो पहली बार हैं प्यार से गांड मारो. ऐसी बातें सुनकर मं और भी जोश में आ गया. और धीरे धीरे कर के पूरा लंड उसकी गांड म घुसा दिया. वो चीलाई ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मर गई अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह रुको अभी थोडा. फिर 10 मिनिट के बाद वो खुद आगे पीछे होने लगी और गांड मरवाने लगी.

मैंने आंटी के बाल पकड़ लिए और जोरदार चुदाई शरु हुई. उसकी आँख से पानी आने लगा था और वो जोर जोर से मोअन कर रही थी अह्ह्ह अह्ह्ह आआउच और अन्दर घुसाओ लंड अपना, फाड़ दो मेरी गांड.

15 मिनिट बाद उसकी चूत में लंड डाला और चोदने लगा. फिर 20 मिनट बाद उसकी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया. और हम वैसे ही लेटे रहे. फिर करीब साडे 12 बजे वो मेरा लंड चूस रही थी इसलिए मैं नींद से जाग गया. और सुबह 5 बजे तक उसकी चूत और गांड मारी और सबह होते ही हम सो गए.

पुरे 6 दिन हमने अलग अलग स्टाइल मैं चुदाई का मज़ा लिया. और उसने कहा की जैसे ही गुड न्यूज मिलती हैं हम एक बार और मिलेंगे और वो आखरी बार होगा. मैंने भी हाँ कहा और वहां से वापस पूना आ गया आंटी की चुदाई की यादों को लेकर.

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