पूना की पोश आंटी को चोदा

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दोस्तों मेरा नाम साहिल शर्मा हे और मैं अपनी मम्मी का लवर हूँ. मम्मी को चोदता हूँ और उसकी गांड भी मारता हूँ. वैसे आज की ये कहानी मेरी माँ को चोदने की नहीं हे. ये तो एक पूना की आंटी की कहानी हे जो मुझे सामने से मिली थी चुदाई के लिए.

दरअसल मेरी आदत थी की मैं अपने और मम्मी के चोदने के फोटोज को फेसबुक के ऊपर फेक आईडी से डालता था. मम्मी का और अपना मुहं ब्लर कर के मैं उसके लंड चूसने के और चूत गांड में लेने के पिक्स सोशल मिडिया पर एड करता था. एक दिन मुझे ऍफ़बी के ऊपर ही एक आंटी का मेसेज आया जो हमारे चोदने के पिक्स को देख के पागल हो गई थी. उसने मुझे मेसेज किया और बोली की कहाँ से हो? सीधे उसने जगह ही पूछ ली. मैंने कहा मैं मिरज से हूँ. वो बोली मैं पूना से हूँ लेकिन एक शादी में कुछ हफ्तों के बाद वहां आने वाली हूँ. मैंने कहा तो? उसने कहा मैं वहां आउंगी तो मिलना चाहती हूँ तुम्हे.

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मैंने कहा मिल लेना क्या प्रॉब्लम हे.

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और फिर वो मेरे साथ रेग्युलर चेटिंग करने लगी. वो एक मोटी औरत थी जो पूना में काम करती थी एचआर डिपार्टमेंट के अन्दर. उसका पति युएसए में था और वो काफी रिच थी. उसको कुछ भी दिन में मैंने सेक्स चेट के ऊपर चढ़ा दिया. आंटी का नाम सुहानी था. उसने मुझे कहा की उसके पति से वो कभी संतुष्ठ नहीं हुई थी. वो बहुत इलाईट फेमिली से थी और उसने अक्सर बहार कॉलबॉयज के साथ सेक्स किया हुआ था. मैंने जब उसको मेरे लंड के फोटोस भेजे तो वो बोली, मैंने तुम्हारी माँ के साथ सेक्स करने के पिक्स में देखा हे इसको. मैंने कहा कैसा हे.? वो बोली इसे लेने के लिए आउंगी तो बताउंगी की कैसा हे!

फिर आंटी भी अपने बूब्स के और चूत के पिक्स मुझे भेजती थी. उसके बूब्स एकदम बड़े थे, फोटो में तो 40 इंच से भी बड़े लग रहे थे. और उसकी चूत के ऊपर का पेट एकदम मोटा था. नाभि जैसे खाई जैसी लगती थी.

फिर आंटी ने मुझे बोला की मैं अगले हफ्ते आ रही हूँ. मैंने कहा मैं लेने के लिए आऊ स्टेशन पर. तो वो बोली नहीं मेरे ममेरे भाई के वहां शादी हे वो निपटा के मैं तुम्हे मिलूंगी.

शनिवार के दिन 11 बजे मुझे कॉल आया. उसने कहा की तुम कहो तो मैं होटल बुक कर लूँ?

मैंने कहा नहीं आप मेरे घर पर ही चलो.

वो बोली, घर में अकेले हो तुम?

मैंने कहा नहीं मेरे पापा की डेथ हो गई हे और मेरी बहन की शादी हो गई हे.

वो बोली, तुम्हारी मोम?

मैंने कहा वो माइंड नहीं करती हे. वो किसी से भी चुदवाये मैं कुछ नहीं कहता हूँ और मैं किसी को भी चोदुं तो वो तंग नहीं करती हे मुझे.

आंटी के आने के दो दिन पहले से मैंने लंड को सुखा ही रखा था. माँ ने कहा था सेक्स के लिए लेकिन मैना मना कर दिया था. फिर आंटी को मैंने अपना पता दिया और वो ऑटो से आ गई. मम्मी के साथ इंट्रो करवा के मैं आंटी को कमरे में ले गया. मम्मी ने कहा चाय कोफ़ी भेजूं.

मैंने माँ को आँख मारी और कहा, पहले काम कर लूँ आंटी के साथ फिर.

और मैं आंटी की गांड के ऊपर हाथ रख के उसे कमरे में ले गया. आंटी ने अपनी बेग साईंड में रख दी. और वो मुझे बोली, तुम्हारी मम्मी भी हॉट हे.

मैंने कहा, हां और सेक्सी भी हे.

मैंने आंटी को कमर से पकड़ा और उसके बूब्स एक साथ खेलने लगा. आंटी सिहर उठी और उसने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया. वो लंड को हिलाते हुए बोली, कब से चोद रहे हो इस से.

मैंने कहा, चोदने का सालों का अनुभव हे मेरी जान.

आंटी के टॉप में से मैंने एक हाथ को उसके क्लीवेज पर रखा. वहां थोडा पसीना हुआ था. आंटी ने लंड को जोर से दबाया. मैंने कहा, निकाल लो बहार ही. आंटी ने जिप खोल के मेरे लंड को बाहर किया और उसे हिलाने लगी. मैंने आंटी के टॉप को उतार फेंका. आंटी ने वाइट ब्रा पहनी थी और उसके बूब्स एकदम कडक और बड़े थे. मैंने आंटी की ब्रा को उतार फेंका और उसके नंगे बूब्स को चूसने लगा.

फिर आंटी ने मेरी शर्ट उतारी और बोली,. कंडोम हे तुम्हारे पास?

मैंने कहा मुझे कंडोम के बिना करने में ही मजा आता हे. लेकिन मेरे को कोई बिमारी नहीं हे क्यूंकि मैं हायजेनिक लोगों से ही सेक्स करता हूँ.

वो मेरे लंड को मुहं में ले के चूसने लगी. मैंने उसके बाल पकडे और उसके माउथ की फकिंग करने लगा. आंटी को बहुत मजा आ रहा था मेरे पुरे लंड को कुल्फी के जैसे अपने मुहं में डाल के चूसने में. वो गले तक लंड को भर के चुस्से लगा रही थी. फिर मैंने आंटी के दोनों बूब्स को साइड से दबा के बूब्स के बिच की खाई में अपने लंड को रखा. लंड चिकना था जिस से मैंने बूब्स को चोदे.

आंटी ने अब अपनी टाँगे खोली और बोली, कम ओन मेरी चूत को लिक कर दो जैसे अपनी माँ की करते हो!

मैंने आंटी के बुर में जबान डाल के चूत के दाने को हिलाया. आंटी की चूत एकदम से पानी पानी हो गई. मैंने धीरे से उसकी चूत के दाने को दो ऊँगली में लिया और उसे रगड़ दिया. आंटी को चुदास का जनून सा चढ़ा हुआ था. मैंने आंटी को किस किया चूत के ऊपर और वो सिहर उठी. उसने मेरे माथे को दबाया और मैं चूत को दांत से काट रहा था और चूस रहा था.

आंटी को चुदास चढ़ गई थी और वो बोली, जल्दी से मुझे लंड दे दो.

मैंने आंटी को लिटा दिया और उसकी दोनों टांगो को जितना हो सकता था उतना उपर कर के निचे एक तकिया लगा दिया. आंटी की गांड के निचे दोनों हाथ रख के मैंने जैसे ही उसकी चूत में डाला तो वो मचल के चूतड़ हिलाने लगी. एडजस्टमेंट कर के मैं उसे चोदने लगा. आंटी की चूत एकदम चिपचिपी थी और उसके अन्दर लंड गोते खा रहा था. आंटी जोर जोर से अपनी गांड को हिला रही थी और मैं उतने ही फ़ोर्स से उसे चोदे जा रहा था.

कुछ देर में आंटी बोली, बहुत दिनों के बाद एक असली लोडे का सवाद लिया हे!

मैंने कहा आप तो कॉलबॉय से चुदती हे.

वो बोली, अरे वो लोग पेड सेक्स करते हे गोली शोली खा के. इसलिए मैं नेचरल सेक्स की तलाश में थी जो आज पूरा हुआ!

मैं आंटी को फिर से जोर से पेलना चालू कर दिया.

कुछ देर के बाद आंटी को मैंने घोड़ी बना दिया. और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड दे दिया. आंटी आह्ह्ह अह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह्ह येआआअ अह्ह्ह कर के गांड हिलाती गई और मेरे लंड से चुदती गई.

तभी मैंने खिड़की से देखा की मेरी माँ वहां खड़ी हुई देख रही थी हम दोनों को और अपनी चूत में ऊँगली डाल के हिला रही थी. मैंने चोदना रोक के माँ को इशारा किया की अन्दर आ जाओ.

आंटी ने कहा क्या हुआ?

मैंने कहा मेरी माँ भी प्यासी लग रही हे, दोनों को साथ में चोदुंगा!

दोस्तों फिर क्या हुआ वो आप को अगली कहानी में लिख के भेजता हूँ!

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