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रंडी निशि बनी जीजू की रखेल

हाय दोस्तों मेरा नाम निशी मेहरा है. और मुझे माफ कर दीजिए मैंने इंडियन सेक्स स्टोरी लिखने में बहुत देर कर दी. मेरी उम्र 22 साल की है और मेरा फिगर ३४-२६-३२ है. तो मैंने इतनी देर क्यों कर दी स्टोरी लिखने में? तो मैं आपको बता दूं क्योंकि मैं मेरी  दीदी प्रेग्नेंट होने की वजह से उनके साथ रहने गई हूं. पर अब मेरी एग्जाम आ रही है तो मैं वापस अपने घर आ गई हूं और फिर मैं आपके लंड खड़े करने हाजिर हो गई हूं.

यह कहानी मेरी, मेरी बहन निक्की और उसके हस्बैंड जस्सी (दीपक) की है. वैसे तो उनकी शादी को २ साल हो गए हैं. और रिजल्ट भी आ गया है अब तो. दीदी ने मुझे अपने घर बुलाया रहने क्योंकि दीदी की प्रेगनेंसी की वजह से उनके घर के काम में हेल्प चाहिए थी. और फिर वह हॉस्पिटल में थी तो जस्सी के खाने की  जिम्मेदारी मुझ पर आ गई. तो मैं शुरु से स्टोरी शुरु करती हूं.

मुझे अभी यहां आए तिन दिन भी नही हुए थे की जस्सी ने रंग दिखाना शुरू कर दिया. वैसे तो बहुत रोमांटिक है पर कभी कभी हवस खोर हो जाता है. और वैसे तो उसने मुझे जीजू कहने से भी मना कर दिया है तो नाम से ही बुलाती हु. हम तीनो एक ही कमरे में सो जाते हैं मैं उन दोनों के बीच में सोती हु. दीदी का पांचवा महीना चल रहा था तो आसानी से खड़ी होने के लिए वह साइड में सो जाती थी और दवाइयां की वजह से चेन की नींद सोती थी.

पर जस्सी न तो सोता था ना सोने देता था. पहले तो उसने सिर्फ हाथ रखा मेरे बूब्स पर. मैंने इग्नोर किया तो रोज रखने लगा, कभी कभी सहलाने लगता, मेरा एक राज जस्सी को पता चल गया तो वह ब्लैकमेल टाइप कर रहा था और मैं अबला नारी चुपचाप सहन करती रही.

एक दिन रात को मैं वाशरूम जाने के लिए उठी फिर जेसे बाहर निकली जस्सी सामने था. उसने मुझे धक्का दिया और अंदर आ गया, मैं पहले ही तैयार थी कि कुछ करेगा मेरे बूब्स के साथ. लेकिन उसने मेरे बाल खींच कर मुझे घुटनों पर बिठा दिया.

जस्सी : सुन, तू ही डिसाइड कर, या तो मैं किसी और से अफेर कर लू और फिर तेरी  दीदी को चिट करु. या फिर तू अपनी दीदी की जिम्मेदारी निभायेगी?

और फिर वह लंड निकाल कर मुंह में धक्के देने लगा. आह्ह अह्ह्ह औहोह्ह आह्ह उम्म्म अह्ह्ह उम्म्म मेरी कोई बात नहीं सुनी, मैं भी अब उस के कंट्रोल में थी. फिर उसने मुझे कोने में दबोच के मुंह में चोदना शुरू किया. मुझे सांस लेने में प्रॉब्लम होने लगी. तभी लंड राजा ने हार मान ली, और पूरा रस मेरे मुंह पर छोड़ दिया. शायद दीदी की प्रेगनेंसी की वजह से कुछ करने को नहीं मिला होगा.

फिर मैंने नोटी स्माइल दी. तो जस्सी फिर से जोश में आ गया और मुझे दीवार की तरफ खड़ा करके मेरी गांड पर धक्के देने लगा मेरे कपडे के ऊपर से. फिर अचानक कुछ आवाज आई तो जस्सी जल्दी से चला गया, फिर मैं थोड़ी देर में कपड़े चेंज करके सोने आई. दूसरी ही मिनट मेरी ब्रा में उसका हाथ आ गया.

इस बार सहलाने की जगह दबोचने लगा और मुझे स्मूच किया, ओम माय गॉड, वह बहुत बड़ी रिस्क ले रहा था. उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया. फिर तो थोड़े दिन ऐसे ही रोज लंड चूसने लगी. उसका हाथ मेरे बूब्स पर या चूत पर और मेरा उसके लंड पर ऐसे ही सोने लगे.

दो हफ्ते के बाद दीदी को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया. फिर तो उसे चोदने का लाइसेंस मिल गया.

मैं दिन भर अपनी पढ़ाई करती या फिर हॉस्पिटल में उनके साथ रहती. और जेसे जस्सी आता मुझे मैसेज करता.

जस्सी : हे बिच, मेरा लंड तुम्हारा इंतजार कर रहा है. तू आ रही है कि मैं बाहर जाऊं?

मैं : मैं अभी आती हूं जीजू.

जस्सी : डोंट कॉल मी जीजू, साली रांड, मैं तुम्हारा पर टाइम पती हूं.

मैं : ओके हबी, तुम्हारी वाइफ अभी रास्ते पर है.

जैसे मैं घर गई कुत्ता दुम हिलाते किचन में आ गया, पीछे से हग करके

जस्सी : जान, आज खाने में क्या है?

मैं : क्या चाहिए आपको?

जस्सी : मुझे तू चाहिए, छीनाल, कब से तेरा इंतजार कर रहा हूं.

उसने मुझे एक पैकेट दिया और कहा यह पहन के सोने आना बेडरूम में.

मैं लेकिन यह तो खाली है पैकेट

जस्सी  : हां तो कुछ मत पहन. वैसे भी नई नई शादी हुई है अभी तो सुहागरात भी नहीं मनाई.

मैं : लेकिन अगर दीदी को पता चला तो?

उस ने मुझे थप्पड़ मारा, तू उसको बताएगी साली पालतू कुत्तिया है तू मेरी, जो मैं कहूं वह तू कर, बस.

मैं थोड़ी डर गई, पर फिर भी बहुत दिनों बाद चुदवाने का मौका मिला था ऐसे थोड़ी जाने देती. पूरी नंगी हो कर चली गई सोने, जीजू टीवी बंद कर के आए. आते ही मुझ पे टूट पड़े. मेरे बूब्स को काटने लगे, और मेरे होठ को काटने लगे.

जस्सी : साली, क्या माल है तू, मेरी शादी के वक्त क्यों नहीं आई, तेरी बहन से शादी करके फस गया हूं, तू होती तो लाइफ रंगीन होती.

मैं : मै सॉरी जीजू, अब आ गई हूं ना?

जस्सी : फिर से बोली बीच, तेरा पति हूं. जीजू जीजू मत कर भोसड़ीकी.

फिर मेरे बाल खींच कर चांटा मारा, आउच.

फिर से थप्पड़

मैं :  साले बीवी पर हाथ उठाता है, चूपचाप लंड डाल वरना छूने तक नहीं दूंगी.  जस्सी ने पूरी ताकत से एक ही धक्के में घुसा दिया लंड आह्ह आऊउ ममीईईइ आःह्ह. इतना मोटा…

जस्सी : थप्पड़ मारकर अब बोल वेश्या, अब यही रोज तेरे साथ. रंडी साली, प्रमोशन की बात चल रही है, अगर मिल गया ना तो गोवा में हनीमून होगा हमारा रखेल साली, लंड लेने के अलावा कुछ करती है?

मैं : आप जो कहो मैं करूंगी.

जस्सी : यह हुई ना बात, इसे टिपिकल इंडियन वाइफ कहते हैं. पति की हर इशारे पर नाचनी चाहिए. ये ले.

मैं : आह्ह उह्ह हौऊ अहहह उह्ह ओंन्न मर गई अह्ह्ह.

मैं : आःह औऊ ओह्ह्ह फक मी आह्ह ईई.

जस्सी : बोल रोज चुदेगी रंडी?  तो ही अभी तेरी गर्मी शांत करु.

मैं : या हबी, हम अब मैं लीगल वाइफ बनने को भी तैयार हूं. आप जो कहो, पर अभी चूत फाड़ दो मेरी. मां कसम, स्वर्ग सी फिलिंग आ रही है.

जस्सी : तो ये ले, छिनाल, भोसड़ीकी, वेश्या कहीं की, मादरजात, पूरा लंड ले अपनी गुफा में, तेरे जैसी वाइफ हो तो रंडी का क्या काम है? यह ले और ले, ले मेरा पूरा.

में : आह्ह उह्ह्ह अह्ह्ह फक मी डन हबी..

फिर तो यह रोज होने लगा. मैं सुबह हॉस्पिटल में जाती और शाम को जस्सी के साथ. रोज की चुदाई से सुजन होने लगी. जस्सी रोज अलग अलग स्टाइल से चोदने लगा. अभी तो एक ही हफ्ता हुआ दीदी को हॉस्पिटल में एडमिट किये, और हमने ३ बार चुदाई कर दी.

एक दिन मुझे अपनी ऑफिस ले गया और सब के साथ मुझे अपनी वाइफ बनाकर इंट्रो कराया. पर मुझे उससे यह उम्मीद नहीं थी की इतना गिर जाएगा.

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