बहन शिखा से प्यार हो गया!

प्रेषक: वैभव सिंह

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम वैभव है! मॆरी उमर 22 साल है ! मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मै पहली बार मेरे साथ घटी अपनी वास्तविक घटना लिख रहा हूँ. मैं एक स्टूडेंट हूँ , मैं बहुत ही साधारण लड़का हूँ. मैं दिखने मे ठीक ठाक हू. मैंने आज तक सिर्फ एक लड़की को ही चोदा है,वो है मेरी बुआ की लड़की जिसे मै बहुत प्यार करता हू लेकिन बदकिस्मती से वो मेरी बहन है. काश वो मेरी गर्लफ्रेंड होती, उसकी उम्र 19 साल है, उसका नाम शिखा है. वो देखने मे एकदम माल लगती हैं,देखने मे एकदम आलिया भट्ट की तरह लगती हैं. कोई भी लड़का देखे उसको तो उसका लंड खड़ा हो जाता है!

अब मै अपनी कहानी पर आता हूँ,ये बात 2 साल पहले की है जब मेरा चचेरा भाई आया हुआ था और मेरी बुआ की लड़की शिखा आई हुई थी मेरे घर पर. रात को हम तीनो छत पर सोए हुए थे. मैं किनारे फिर मेरा भाई और शिखा, रात को मुझे मेरे भाई और शिखा के बीच बिस्तर मे कुछ हलचल महसूस हुई. मैंने जब नोटिस किया तो वे एक दूसरे को किस कर रहे थे. दोनों ने चादर ओढ़ लिया था ताकि मुझे ना पता चल सके. लेकिन मुझे पता चल गया था.

वैसे भी चांदनी रात थी, शिखा ने अपनी दोनों टाँगे मेरे भाई के ऊपर रख ली जिससे वो अपना लंड उसकी चूत में सीधे पेल सके. तभी मेरा भाई अपने पैंट की बेल्ट को खोलने लगा मैं समझ गया दोनों सेक्स करने वाले हैं. मैंने तुरंत ही दोनों से पूछा क्या कर रहे हो तुम दोनों. वो दोनों ने घबराहट मे एक दूसरे को अलग किया फ़िर सीधा बनने का नाटक करने लगे.

मैं दोनों के बीच मे आकर सो गया, जब मैं शिखा के बगल मे आके सोया तो मुझे उसका बदन छूने लगा जिससे मेरा लंड खड़ा होने लगा. मुझे अच्छा फील होने लगा और मैं भूल गया कि वो मेरी बहन है. क्योंकि वो भी वीरु के साथ इस बात को भूल चुकी थी की वो भी उसका भाई है. मैं उससे चिपक के सोने लगा, हम तीनों जाग रहे थे, क्यूकि सबकी नींद उड़ गयी थी.

मैंने फ़िर अपना हाथ ले जाकर उसके चूत के पास रखा ऊपर स्कर्ट के अंदर. वो बोली यहा पर दर्द हो रहा है हाथ मत रखो, और सीधा बनने की कोशिश करने लगी लेकिन मैं बेकाबू हो रहा था और सब कुछ समझ चुका था. लेकिन मेरे भाई के वजह से बात बन नहीं पायी, क्यूकि मैंने उसका प्लान बिगाड़ दिया था इसलिए वो भी रात भर जागा ताकि मैं भी कुछ ना कर सकू.

उस रात तीनो की धड़कन बेकाबू थी और लेकिन सबकी एक ही चाहत थी सेक्स. लेकिन वो मेरा प्यारा भाई था उसे रोक कर मैने बड़ी गलती कर दी थीं. उसे मज़ा लेने देना चाहिए था. ख़ैर किसी तरह रात बीती. शिखा अपने घर चली गई कुछ दिनो बाद मेरा भाई भी अपने गांव चला गया. लेकिन उस रात की बात मेरे दिलो दिमाग में बैठ गई.

मैं अब शिखा को चोदना चाहता था लेकिन जल्दी मौका नहीं मिला. एक दिन मेरा आधा सपना पूरा हुआ जब वो मेरे यहा रात को रुकीं थीं. वो मेरे कमरे मे मेरे अकेले सोई हुई थी. उस दिन वो मेरे मोबाइल में फेसबुक से बात कर रही थीं, फ़िर मैं उसकी गोद में सोया था और उससे बातें कर रहा था. बड़ा ही कामुक एहसास था,मेरा लंड खड़ा हो गया था. मैं उससे चिपक गया था वो मेरे बालो मे हाथ फेर रही थी लेकिन वो मोबाइल चलाने मे मगन थी. मैं उससे चिपका ही जा रहा था उसके बूब्स के पास मुह लगा के सोने लगा. लेकिन काफी देर तक उसने मुझे कोई रिस्पांस नही दिया जैसे कोई नॉर्मल बात हो ये सब. फिर वो सो गई, लेकिन मेरे अंदर सेक्स जाग चुका था. लेकिन शिखा शायद भाई बहन के रिश्ते के नाते मुझे रिस्पॉन्स नहीं दे रही थीं.

रात को मेरी आँख खुली, मैंने देखा वो गहरी नींद में सो रही हैं. मैंने धीरे धीरे से उसकी चुची दबाना शुरू किया, वो जगी नहीं तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई मैंने उसकी स्कर्ट मे हाथ डाल दिया. फ़िर उसकी पैंटी मे हाथ डाल के उँगली करने लगा वो फिर भी सोई रही शायद नींद मे मज़े ले रही थीं. मैं फिर अपनी नाक उसकी चुत के पास ले जाकर सूघने लगा. उसकी चुत की महक अच्छी नहीं लगी फ़िर भी मैं मदहोश होने लगा.

मैंने देखा वो अब भी नींद मे है तब मैने उसकी शर्ट का बटन खोला और ब्रा से उसकी चुची को बाहर निकाल के दबाने लगा. वो फिर भी नहीं उठी तब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और मूठ मारने लगा और मुँह से उसकी चुची पीने लगा.

फिर 15 मिनट बाद मैं झड़ गया, फ़िर कुछ देर बाद मेरा लंड खड़ा हुआ, फिर मैं उसकी चुत मे उगली करने लगा. फिर मेरी इच्छा उसकी चुत देखने की हुई मैंने मोबाइल मे टार्च को जलाया. जैसे ही चुत के पास मोबाइल ले गया वो जाग गयी. मेरी तो फटने लगी उसने पूछा क्या कर रहे हो तुम मैंने बोला कुछ भी नहीं और उसको सोने को बोला.

फिर वो सो गई मैं मूठ मार के सो गया, वो रात को करीब 3 बजे लैंडलाइन फ़ोन से अपने बॉयफ्रेंड से करीब एक घंटा बात करने के बाद आके सो गई. एक बार फिर मैंने उसकी चुत में उंगली की और मुठ मार के सो गया. फिर वो अगले दिन चली गई.

इसके बाद मैं उसे चोदने का मौका ढूँढने लगा, आखिर हमारे घर मे एक प्रोग्राम था जिस दिन उसे रात को मेरे घर बुआ के साथ रुकना था मैं इसी मौके की तलाश में था. रात को ठंडी का मौसम था, हम कंबल ओढ़ के सोये थे रात को मैं फिर जागा और उसकी जीन्स मे हाथ डाल के उसकी चुत मे उगली करने लगा. तभी उसकी नींद खुलने लगी मैने अपना हाथ जल्दी से हटा लिया. उसने अपना जीन्स का बटन बंद किया मेरी तो फट रही थीं. तभी वो मुझसे चिपकने लगी,बहूत ज़ोर से. मुझे समझने में देर नही लगी की वो मुझसे चुदना चाह रही हैं.

मैंने तुरंत उसे किस करने लगा चुम्मा चाटी के बाद मैं उसकी चुत मे उगली करने लगा. वो गरम हो गई, मैं 2 उंगली उसकी चुत मे डाल के अंदर बाहर करने लगा. तभी वो बोली 2 नहीं 3 उंगली डालो. मै तीन उंगली डालने लगा. फिर मैं उससे बोला चुत चाटने को तो वो बोली हा चाटो.

मैं उसका बूर चाटने लगा और उसके झांट के बाल मेरे मुंह में आ गए और मैं उसे साफ़ करने लगा. तभी वो बोली ये गन्दा हैं और सेक्स करने से मना कर दी. मुझे समझ नहीं आया इसको क्या हुआ. मैंने बहुत रिक्वेस्ट की लेकिन उसने सेक्स करने नहीं दी. मै आज तक नहीं समझ पाया कि उसने ऐसा क्यु किया. फिर हम सो गये, लेकिन मेरे अंदर का सेक्स अभी तक नहीं सोया था.

फिर मैं सो गया लेकिन थोड़ी देर बाद मैं उठा, और उसकी चुत मे ज़ोर ज़ोर से ऊंगली डालने लगा और शिखा की नींद टूट गई. मैं उससे रिक्वेस्ट करने लगा सेक्स की तब वो बोली एक शर्त पर तुम चूत चाटना मत बस अपने लंड से चोदो.

मैं तुरंत मान गया और उसके बूर में लंड घुसा दिया बहुत टाइट थी उसकी चूत, वो आह आह आवाज़ निकालने लगी मैंने पेलने की स्पीड बढ़ा दी. 10 मिनट बाद हम दोनों साथ में झड़ गए, मैं दो बार पहले भी झड़ चुका था. फिर हम सो गये. वो फिर उस दिन को भूलने का नाटक करने लगी जैसे कुछ हुआ ही नहीं था, लेकिन मुझे उसकी चूत का चस्का लग चुका था.

मैं उसे अपनी गर्लफ्रेंड बना लेना चाहता था पर किसी और लड़के चक्कर मे पड़ चुकी थी. लेकिन मैं उसे अपना दिल दे बैठा था उससे सच्चा प्यार करने लगा था. इस बात को बीते काफी समय हो गया था मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता था लेकिन शायद वो नहीं चाह रही थी. लगभग 1 साल के बाद वो मेरे घर आई वो मेरे मोबाइल मे अपने बॉयफ्रेंड से चैट कर रही थीं, मुझे पुराने दिन याद आने लगे उसको देख कर.

तो मैंने उसे अपने पास बुलाया, मैं बिस्तर पर लेटा था और उसे भी लेटने को बोला और कहा कि मेरे पास बैठ कर ही चैट करो, वो मेरे बगल मे लेट गई. दोपहर का समय था उस दिन, तभी मैं उससे चिपक गया और मेरा लंड खड़ा हो गया और फिर मैंने उसके पीछे अपना लंड रगड़ने लगा. वो कुछ बोली नहीं. थोड़ी देर बाद वो बोली मेरे ब्रा की स्ट्रिप खोल दो. मैं समझ गया मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका है, मैंने तुरंत उसकी ब्रा का हुक खोल दिया.

वो बोली यही चाह रहे हो न तुम मैं बोला हा जानू और उसकी चुची दबाने लगा. लेकिन नीचे कुछ लोग बगल के कमरे में सो रहे थे तो मैंने उससे कहा कि यहॉ नहीं ऊपर चलो. मैं सबसे पहले ऊपर गया और मेरे बाद वो आई, फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया. तब मैंने उससे पूछा कि तुमको बुरा तो नहीं लगा वो बोली नहीं तब मैंने उसको आई लव यू बोला और किस किया. मैंने उससे पूछा चूत चाटने के लिए तब वो मान गई.

मैंने उसकी बूर की फांक को खोला और उसकी चूत चाटने लगा मुझे तो जैसे जन्नत ही मिल गयी हो. दस मिनट चूत चाटने के बाद मैं उसके बूर को पेलने लगा लंड का सुपारा उसकी चूत मे घुसा के पेलने लगा घचाघच. फ़िर 15 मिनट बाद हम दोनों झड़ गए दुबारा मैंने उसे पेलने वाला ही था कि तभी कोई ऊपर आने लगा. मैंने उसे तुरंत बाथरूम मे घुसने को बोला और मैं वही बिस्तर पर सो गया.

उस दिन वो बहुत खुश थीं फिर मैं शाम को उसे घर छोड़ के आया. रास्ते मे वो मुझसे चिपक कर बैठी रही.

उस दिन के बाद मेरा प्यार उसपे और बढ़ गया, फिर कुछ ही दिन बाद मेरे घर में एक फंकशन पड़ा और वहां मेरे कई भाई बहन आए हुए थे तो रात को मैंने शिखा को एक एक छोटे से कमरे मे सोने ले गया अपने साथ. मेरे साथ मेरी एक चचेरी बहन थी जो मेरे बगल में सोइ हुई थी और शिखा हम दोनों के पैरों के नीचे सोई हुई थी और मेरा मोबाइल पर अपने बॉयफ्रेंड से चैट कर रही थी जैसा उसकी आदत है. मैंने उसके और अपने ऊपर चादर ओढ़ रखी थी. फिर मैंने उसके बूर को उसके लोअर के ऊपर से रग‍डना शुरू कर दिया. वो धीरे धीरे गरम हो गई और मेरे बगल में आकर लेट गई. और मेरे पैंट में हाथ डाल दी और अंडरवियर में से मेरा लंड निकाल के हाथ से हिलाने लगी.

तभी मेरी बगल में सोई हुई चचेरी बहन राशि को शक होने लगा कि हम दोनों आखिर क्या कर रहे हैं तो मैंने शिखा का हाथ पकड़ा और उसको रोका सेक्स नहीं करने के लिए. और उससे बोला कि राशि जग रही है वो हमे सेक्स करते हुए पकड़ लेगी. तब हम दोनों ने अपने आप को कंट्रोल किया.

थोड़ी देर बाद मेरी आंटी आई उन्होने हमें दूसरे कमरे में सोने को कहा, हम दूसरे कमरे में सो गए. रात को जब राशि सो गई, तब मैंने शिखा की चूत रगड़ने लगा और उसकी रसमलाई जैसी चूत चाटने के बाद उसका बूर पेला. वो रात फिर एक ना भूलने वाली रात बन गई.

अगले दिन के मैंने फिर चोदा और जी भरकर प्यार किया. मै उसे फंक्शन खत्म होने के बाद अच्छा सा उसके मनपसंद का तोहफा देना चाहता था उसको लेकिन बदकिस्मती से अगले दिन उससे मेरी लड़ाई हो गई क्यूकी वो मुझसे क्लोज़ होने लगी थी लोगो के सामने भी जिससे किसी ना किसी को हम पर शक होने लगा था, राशि को तो शक हो ही चुका था. लेकिन और लोगो को शक ना हो इसलिए मैं उससे नाराज़ होने का नाटक करने लगा. लेकिन उसने मेरे बातों को समझ नही पाई की आखिर मैं ऐसा अचानक से क्यों कर रहा हु, और उसने मेरे इस व्यवहार को गलत समझ लिया और उस दिन के बाद हमारा रिश्ता ख़तम हो गया, लेकिन आज भी मैं उससे प्यार करता हूं आइ लव यू शिखा!

(दोस्तों हमें ये कहानी वैभव सिंह ने भेजी, आप भी अपनी सेक्स कहानी भेज सकते हे. हम उसे जल्द से जल्द पब्लिश करेंगे. ऊपर कहानी भेजने के लिंक पर जाए और अपनी चुदास से भरी हिंदी सेक्स कहानी दुसरो के साथ भी शेयर करें!)