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सेक्सी गांड वाली रोजी के साथ ट्रेन का सफ़र

मैं एक आईटी प्रोफेशनल हूँ और बंगलौर में एक एमएनसी में जॉब करता हूँ. वैसे मैं सांगली महाराष्ट्र से हूँ. और अक्सर मैं हफ्ते भर की छुट्टी ले के अपने घर जाता हूँ. एक बार फ्लाईट की पप्राइस बहुत हाई थी इसलिए मैंने ट्रेन में रिजर्वेशन करवा लिया था.

मैं ट्रेन स्टेशन पर पहुंचा और अपनी ट्रेन की वेट करने लगा. ट्रेन को आने में वक्त था और प्यास लगी थी इसलिए मैं बोतल ले के पानी के नल के पास गया. वहां पर मुझे ये मस्त सेक्सी गांड की रानी देखने को मिली. उसके बॉडी कर्व्स उसकी टी शर्ट में क्या लग रहे थे. मेरे अंदर के मर्द को एक सेकंड भी नहीं लगी जागने में!

मैंने बोतल में पानी भर लिया और अपनी जगह पर वापस आ गया. और मेरी किस्मत तो देखो की वो हसीन एस वाली लड़की अब मेरे पास ही आ के खड़ी हो गई. मुझे बिच बिच में जब भी चाँस मिलता था तो मैं उसकी गांड के ऊपर अपनी नजर डाल देता था. ट्रेन की आवाज आई और एक मिनिट के अंदर ट्रेन भी आ गई. और सब लोग अपना अपना सामान ट्रेन में लादने की जद्दोजहद में उलझ पड़े. और वो लड़की मैं जिस बोगी में चढ़ा उसके अन्दर ही आई थी. मैं मन ही मन उपरवाले से डिमांड करने लगा की उसे मेरे अगल बगल में ही बिठा दो!

और ऊपर वाले ने मेरी सुन ही ली. वो मेरे कम्पार्टमेंट में ही बर्थ के निचे अपना सामान घुसा रही थी. वो झुकी हुई थी. मेरे पास लेपटोप का बेग और एक छोटा बेग था बस. मैं उसकी सेक्सी एस को ही देख रहा था. वो मुड़ी और उसने मुझे गांड निहारते हुए पकड लिया. एक सेकंड के लिए मेरा चहरा एकदम चुप सा हो गया.

वो आराम से मेरे सामने बैठी. मैं हश में आया क्यूंकि उसने कुछ कहा नहीं था.

फिर मैं बर्थ पर लम्बा हुआ सुस्ताने के लिए. वो निचे बैठी थी और मैं ऊपर की अपनी बर्थ में सोया हुआ था. और वहां से मुझे उसका क्लीवेज एकदम साफ़ नजर आ रहा था. उसके बड़े तरबूच के जैसे बूब्स ट्रेन के धक्को से हिल रहे थे. और एकदम मस्त माहोल बना रहे थे. उसके बूब्स की साइज़ कम से कम 36 इंच की थी. और एकदम शेप में भी थे. उन्हें देख के मेरे लंड में चुदाई की खुजली उमड़ पड़ी थी.

उसने अपना बोतल निकाला और वो पानी पिने लगी. और पीते हुए कुछ पानी उसके बूब्स पर ढुल गया. और वो पानी अन्दर क्लीवेज में उतर गया. उसने अपने हाथ से पानी को साफ़ कर लिया. मैं तो ये देख के खुद को रोक नहीं सका. निचे उतर के सीधे बाथरूम में गया और लंड को हिला लिया.

वापस आया तो नींद आ गई लंड की टंकी खाली होने की वजह से. रात हो गई तब आँख खुली मेरी. सब लोग सोये पड़े थे लेकिन वो सामने वाली लड़की जाग रही थी. मैं निचे उतर के बैठा, उसके सामने ही. मैं उसे हल्का स्माइल दिया और उसने अपना हाथ हिला के जवाब दिया.

मैं: हल्लो मेरा विजय पाटिल.

वो: हाई, आई एम रोजी!

मैं: अच्छा नाम है,  कहा जा रही हो आप?

रोजी: जी मैं पुणे जा रही हूँ ऑफिस के काम से.

और उसने मुझे बताया की वो एक सोफ्टवेर कंसल्टंसी फर्म में काम करती थी.

और ऐसे ही चिट चेट चली हम दोनों के बिच में कुछ देर तक. उसने अपने बारे में और मैंने उसे अपने बारे में बहुत कुछ बता दिया. और फिर मैं अपना फेस धोने के लिए चला गया. जब वापस आया तो वो वहां पर नहीं थी लेकिन उसका फोन बर्थ के ऊपर पड़ा हुआ था. वो एकदम किनारे पर था. मैंने उसे उठा के बर्थ के  बिच में रख दिया. और जब मेरी स्क्रीन के ऊपर नजर पड़ी तो मेरा दिल दो तिन धडकन मिस कर गया. वो पोर्न देख रही थी जिसे पॉज कर के वो कही गई थी. वो एक एनाल पोर्न का क्लिप था जिसमे एक लड़की काले लंड से अपनी गांड मरवा रही थी!

मेरे दिमाग में फटाक से रोजी के बम्स आ गए. वो भी तो एकदम फुले हुए गुब्बारे के जैसे थे. करीब 38 या फिर 40 की साइज़ तो पक्की थी उनकी. मैं अपने लंड से उसकी गांड को स्पेंक करना चाहता था बस!

मैं अपनी बर्थ में आ गया और उसके वापस आने की वेट करने लगा. एक मिनिट के बाद वो आई और उसने अपना फोन उठाया. मेरे दिमाग में एक प्लान आया.

मैं: क्या नींद आ रही है?

रोजी: नहीं यार.

मैं: चलो फिर एक गेम खेलते है.

रोजी: गेम और अभी यहाँ पर?

मैं: हां ट्रुथ और देर वाला गेम!

रोजी: अरे नहीं बाबा.

मैं: वो उस से कहीं मजेदार होगा जो तुम अपने मोबाइल में देख रही हो.

ये सुन के उसने मुझे एकदम घबरा के देखा.

मैं: मतलब की वो होलीवूड और बोलीवूड की किसी भी मूवी से अच्छा ही होगा.

रोजी ने मुझे स्माइल दिया और बोली: चलो ठीक है.

मैं: ग्रेट!

रोजी: तो गेम कैसी है ये बताओ?

मैं: एकदम आसान सी है. मैं एक प्रश्न करूँगा और तुम्हे दो जवाब देने है एक सच्चा और एक जूठा. मैं उसमे से एक जवाब चुनुँगा.

रोजी: इंटरेस्टिंग, चलो स्टार्ट करो.

मैं: लेडिज फर्स्ट.

रोजी: तुम मेरे बारे में क्या सोचते हो?

मैं: एक हॉट लेकिन मासूम सी लड़की.

रोजी: लोग मेरी पर्सनालिटी पसंद करते है और मुझे हॉट गर्ल कहते है!

मैं: क्या तुम मेरे साथ डेट पर चलोगी?

रोजी: क्या? हां, नहीं.

मैं: मैं बहुत बोलता हूँ इसलिए शायद तुम आओगी!

रोजी: सोरी, गलत जवाब!

और ऐसे ही हम एक दुसरे को प्रश्न पूछते गए. और फिर उसने एक सवाल किया बताओ मैं अभी कैसी मूवी देख रही हूँ?

मैं: पोर्न, रोमांटिक!

और मेरा जवाब सुन के वो एकदम शोक हो गई. मैंने उसके करीब जा के उसके कान में कहा तुम जो देख रही थी वो मुझे पता है! उसने भी मेरे कान में पूछा, क्या तुम्हे वो अच्छी लगी?

अब शोक होने की बारी मेरी थी. उसने मुझे हाथ के इशारे से अपने पास बैठने के लिए बोला. अब मैं उसकी बगल में बैठा हुआ था और उसने पूछा की तुमने मेरा मोबाइल कैसे देखा? मैं उसे वो बताया. उसने हंस के मुझे अपना फोन दिया. और फिर उसने कहा अपनी मर्जी की वीडियो चलाओ. मैंने भी एनाल सेक्स केटेगरी का ही वीडियो चालु किया.

हम दोनों वो वीडियो देखने लगे. एक एअर पिस उसके कान में था और दूसरा मेरे. लड़की की गांड में मोटा लंड दिया हुआ था इसलिए वो कराह रही थी. और एक दूसरा आदमी उस से अपना लंड हिलवा रहा था. हम दोनों के बदन में गर्मी आ गई थी. मैं धीरे से उसकी जांघ पर हाथ रख के दबाने लगा. वो कुछ भी नहीं बोली. और उसने अब मेरे हाथ को दबा के कहा, वेट करो. और फिर उसने अपनी बेग से एक ब्लेंकेट निकाल के हम दोनों की आधी से ज्यादा बॉडी को ढंक लिया.

मैंने उसकी कमर पर हाथ रख के दबाया. वो मेरी आँखों में देखते हुए मेरे और करीब हो गई. मैंने देखा तो सब लोग सोये हुए थे. ठंडी की वजह से आधे से ज्यादा लोगों ने चद्दर मुहं तक ढंक ली थी. हम दोनों को कोई भी नहीं देख रहा था. मैंने रोजी को किस कर लिया. और उसने अब पूरा ब्लेंकेट खिंच लिया और हम दोनों उसके अन्दर आ गये.

हम एकदम मस्त किसिंग कर रहे थे एक दुसरे को. मेरे हाथ में उसके बड़े बूब्स थे जिन्हें मैं जोर जोर से दबा रहा था. और वो जंगली बिल्ली के जैसे मेरे होंठो को किस दे रही थी.

मैंने उसकी टी को ऊपर कर दिया और उसके बूब्स को जोर जोर से मसले. उसने मेरा हाथ अपने आप ले के चूत पर रख दिया. उसकी पुसी एकदम गरम थी. मैंने हाथ जींस में कर के उसकी चूत को हिलाया. उसने जींस का बटन खोला और मैं उसे फिंगर करने लगा. फिर मैंने उसकी गांड के होल को टटोला. वो मोअन कर रही थी जोर से. मैंने उसे कहा, मुझे   तुम्हारी सेक्सी बड़ी गांड पसंद आई डार्लिंग! वो बोली, सब लड़के उसके ऊपर ही मरते है.

मैंने ब्लेंकेट के अन्दर ही उसकी जींस और पेंटी को खिंच लिया और उसकी चूत को ऊँगली से प्यार देने लगा. मैं जोर जोर से दो ऊँगली से उसकी चूत को फिंगर कर रहा था. उसकी चूत से इतना पानी निकला की बस क्या कहूँ दोस्तो.

और तभी वो झड़ भी गई. मैंने उसकी चूत से निकले हुए पानी को उसके गांड के होल पर घिसा. वो बोली क्या कर रहे हो? मैंने कहा देखती जाओ बस. फिर उसकी मस्त मोटी गांड पर मैंने चिकना पानी घिसा और वो मस्तियाँ उठी. मैंने अब उसके पास अपनी ऊँगली चटवाई और वो मजे से उसे चूसने लगी.

और फिर मैंने अपनी गीली ऊँगली को उसकी गांड में डाल दी. उसका पूरा बदन झटके खा गया और उसने मुझे किस दे दिया. मैंने ऊँगली से उसकी गांड की चुदाई की और वो अपने मोअन को मुश्किल से कंट्रोल कर पा रही थी.

ट्रेन में चुदाई कर पाना थोडा मुश्किल था. इसलिए मैंने उसे लंड हिला देने को कहा. उसने अपनी बेग से टिश्यू लिया. और फिर मेरे लौड़े को हाथ से हिला के मुझे शांत कर दिया. लंड का पानी निकलने के बाद हमदोनों कपडे सही कर के उसी ब्लेंकेट में सो गए.

सुबह हुई और फिर वो बोली, बंगलौर में मिलना चाहिए हम दोनों को.

मैंने कहा, हां मैं यही सोच रहा था, मेरा फ्लेट है सब बेचलर है किसी दिन छुट्टी ले के पिज्जा और पार्टी करते है.

ये कह के मैंने उसे आँख मार दी. उसने मुझे अपना नम्बर दिया और मेरा नम्बर भी लिया.

मैंने उसे कहा मन सांगली हफ्ता भर हूँ और फिर अगले हफ्ते वापस आ जाऊँगा. उसने कहा मैं तो परसों ही शायद वापस बंगलौर के लिए निकल जाउंगी!

दोस्तों इस सेक्सी बड़ी गांड वाली लड़की को मैंने बंगलौर में कैसे मजे दिए और उसकी गांड चुदाई की फेंटसी को पूरा किया वो आप को फिर कभी किसी कहानी में लिख के भेजूंगा, प्रोमिस!

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