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सेक्सी पड़ोसन आंटी की चूत मारी

मेरी पड़ोसन आंटी का नाम नैना हैं और वो 33-35 साल की हैं. वो एक इंजीनियरिंग कोलेज में प्रोफेसर हैं. और वो अपने पति और 3 साल के बच्चे के साथ रहती हैं.

मेरे आंटी को ले के गंदे इरादे न्यू इयर की एक इवनिंग से स्टार्ट हुए थे. हमारे अपार्टमेंट में सभी लोग नए साल की सेलिब्रेशन के लिए लगे हुए थे. आंटी अपने बच्चे के साथ पटाखे जला रही थी और मैं भी उनके पास खड़ा हुआ था. और जब वो पटाखे को जलाने के लिए निचे झुकी तो उसका बड़ा और डीप क्लीवेज मुझे दिखा. आंटी का क्लीवेज देखने के बाद मेरे बदन में जैसे एकदम से ही हलचल सी उठी और मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर सका.

और उस दिन से मुझे आंटी के प्रत्ये सेक्स करने का आकर्षण सा लग गया. दिन निकलते गए और मेरे मन में आंटी के साथ सेक्स के ख़याल और भी उफान पर थे. मैं मुठ मार के कभी अपनी भड़ास को निकाल लेटा था. अलग अलग पोस में आंटी को चोदने के खयालो में मैं मुठ मार लेटा था.

एक दिन शाम को मैं कोलेज से वापस आया. और देखा तो मेरा घर लोक था. आंटी ने मुझे बहार खड़े हुए देखा. और उसने मुझे अपने घर में आ के वेट करने के लिए कहा. उसने मुझे कोफ़ी दे दी और हम लोग चिटचैट करने लगे. और बिच बिच में जब भी मुझे मौका मिलता था तो मैं आंटी के बूब्स को देख लेटा था. और फिर मैंने मम्मी को कॉल किया तो वो बोली जल्दी में वो की देना भूल गई हे और उसे आने में अभी एक घंटे जितना टाइम बाकी था.

मैंने उसके बूब्स को घूरने से ज्यादा काम नहीं किया. और मैं उसके बच्चे को खेल लगाने लगा. मेरी मम्मी आ गई और मैं अपने घर पर चला गया. मैंने मम्मी से आंटी का नम्बर ले लिया और आंटी को थेंक्स का मेसेज भेज दिया. और फिर तो मेरी और आंटी की चिटचैट चालू हो गई. वो मेरे साथ कोलेज वगेरह की बातें करती थी. और ऐसा ही कुछ और हफ्तों तक चलता रहा.

और एक दिन मैंने बड़ी हिम्मत कर के आंटी को बोला की आप साडी पहनती हैं तो बड़ी ही हॉट और सेक्सी लगती हो. आंटी ने मुझे थेंक्स बोला. और फिर तो मुझे अपने इस रिश्ते को आगे बढाने की और भी हिम्मत मिल गई. मैं आंटी की तारीफें करता था और वोभी अच्छा रिस्पोंस देती थी.

एक दिन मैं सीढियों के ऊपर खड़ा हुआ आंटी के आने की वेट कर रहा था. वो जैसे ही आई मैंने आंटी को कहा की मैं आप को कुछ कहना चाहता हूँ. उसने हंस के कहा क्या कहना हैं? मैंने कहा आप बहुत ही सेक्सी लग रही हो आज तो. और मैं कुछ कहे बिना उस से लिपट गया. मेरा हाथ आंटी की गांड के ऊपर था. वो घबरा उठी और उसने मुझे पीछे धक्का दे दिया. और वो फटाक से निचे की तरफ भाग गई. वो लाल साडी पहन के आई थी जिसके अन्दर उसकी गांड बड़ी ही हॉट लग रही थी.

मैं डर रहा था की कही आंटी मेरी माँ को कुछ न कह दे. वो उस दिन कोलेज से वापस आई और बिना कुछ कहे ही अपने घर में घुस गई. मैंने जा के दरवाजे को नोक किया. उसने दरवाजे को खोला और मैंने आंटी को सोरी बोला. वो दरवाजे को बंद करना ही चाहती थी लेकिन मैंने उसे रोक लिया. वो गुस्से में थी और मेरे ऊपर चिल्लाई. मैंने कहा आंटी मैं आप के साथ बात करना चाहता हूँ. उसने मुझे अंदर लिया और मैंने फिर से आंटी को सोरी बोला. आंटी ने एक भी शब्द नहीं कहा और वो बिना कुछ कहे किचन में चली गई. अभी भी मैं अपनी आँखों को आंटी के बदन के ऊपर से हटा नहीं पा रहा था.

आंटी का बदन था ही इतना सेक्सी वैसे! आंटी का बेटा टीवी देख रहा था. मैं किचन में चला गया और आंटी को पीछे से पकड लिया. और मैंने आंटी को आई लव यु बोल दिया. मैंने उसकी गांड के ऊपर के हिस्से को पकड़ा हुआ था. वो गुस्से में मेरी तरफ पलटी और मुझे पुश कर दिया.

आंटी ने कहा तुम्हे क्या चाहिए? मैंने कहा मैं आप को चाहता हूँ! वो मेरे पास आई और बोली, सच कहूँ तो मुझे गुस्सा इस बात का था की तुमने ये बात कहने में इतना टाइम लगा दिया.

मैं तो ये सुन के एकदम से शॉक हो गया. मैंने धीरे से उसके पास गया और आंटी को एकदम से हग कर लिया. हम दोनों के होंठ लोक हो गए. और मेरा हाथ निचे उसकी गांड के ऊपर जा के दबाने लगा. आंटी को भी मजा आने लगा था. पांच मिनिट किस करने के बाद अब मैं निचे गया और आंटी की नाभि को किस करने लगा और मैंने उसे पूरा के पूरा चाट लिया. मैंने एकदम बेताब था.

आंटी ने कहा यहाँ सब कुछ नहीं कर सकते चलो हॉल में चलते हैं. वो अपने बच्चे के लिए स्नेक्स बना के आइ 10 मिनिट में. और फिर आंटी बेडरूम में घुसी. मैंने भी उसके पीछे घुस के बेडरूम के दरवाजे को बंद कर लिया. मैंने अब आंटी की साडी को खोला और उसके सेक्सी क्लीवेज और नाभि के बटन को देखने लगा. और फिर मैंने आंटी को उसकी कमर से पकड के किस देना चालू कर दिया.

मैं आंटी के कंधो के ऊपर, गले के ऊपर किस करते हुए उसके बूब्स के साथ खेल रहा था. आंटी ने मुझे हल्का धक्का दिया और बोली, आज के लिए काफी हैं अब कल सब कुछ. लेकिन मैं आंटी को ऐसे अधूरे में छोड़ के जाने से जरा भी राजी नहीं था. मैंने आंटी के ब्लाउज के बटन को खोले और मेरा लंड उस वक्त लोहे के जैसा सख्त था. आंटी के ब्लाउज के हटने पर उसकी ब्लेक ब्रा दिखी जिसमें से आधी चुचिया बहार निकली थी.

आंटी को पूछा की आप की बॉल्स का साइज़ क्या हैं. वो बोली 36C. मैं साइज़ से इतना फेमिलियर नहीं था लेकिन मैं इतना जानता था की वो एकदम बड़े थे. मैंने बूब्स को पकडे और उन्हें दबाने लगा. वो भी मोअन कर रही थी. और फिर मैं आंटी को ले के पलंग के ऊपर बैठ गया. हम दोनों की आँखे मिली हुई थी. मैंने उसके पास जा के उसकी जांघो के ऊपर हाथ रख दिया. वो एकदम गहरी साँसे ले रही थी और छोड़ रही थी. वो भी मूड में आ चुकी थी और मैं भी. मैंने देखा की आंटी के निपल्स भी एकदम सख्त और बड़े हो चुके थे.

साला तभी आंटी के हसबंड के आने का वखत हो गया तो उसने मुझे जाने को कहा. मैं अपने घर चला तो गया लेकिन मेरे खयालो में वही थी. मैंने कहा की कल आप जॉब पर मत जाना प्लीज़. वो बोली नहीं. मैंने कहा प्लीज़, प्लीज़. वो मान गई.

रात को मैंने आंटी के बारे में सोच के 3 बार लंड को हिला लिया. अगले दिन सुबह 10 बजे मैं आंटी के घर पर गया. वो अकेली ही थी. उसने दरवाजा बंद किया और वही खड़े हुए मुझे एक डीप किस दे डाली. मैंने आंटी क कहा की आप साडी पहन लो उसमे करने में मजा आएगा. मुझे आंटी की साडी में उसकी नाभि और टमी वाला हिस्सा बहुत अच्छा लगता हैं.

आंटी को साडी में देख के मेरा लंड बवाल मचाने लगा था. मैं फ्रिज से जाम निकाला. और आंटी की नाभि के ऊपर जाम को लगा दिया. आंटी ने इसकी कल्पना नहीं की थी. मैं आंटी की नाभि को लिक करने लगा. फिर मैंने आंटी की साडी, उसके ब्लाउज और ब्रा को खोल दिया. अब उसके बड़े बूब्स मेरे सामने थे. मैंने आंटी के बूब्स का 10 मिनिट मसाज किया. फिर उसके ऊपर जाम लगा के चूसा. आंटी के निपल्स एकदम सख्त हो चुके थे. आंटी ने अब मेरे शोर्ट और अंडरवियर को उतार दिया.

15 मिनिट तक आंटी ने मेरे खड़े लंड को मुहं में भर के खूब चूसा और मस्त ब्लोव्जोब दिया. और फिर मेरा माल आंटी के मुहं के ऊपर निकल गया. अब हम दोनों एकदम नंगे हो गए और आंटी ने कहा अब जल्दी से मुझे चोदो. मैंने आंटी की क्लीन शेव्ड चूत को चाट के उसे खुश कर दिया. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी. और फिर मैंने आंटी की चूत को ऊँगली से चोदा.

कुछ देर के बाद मैंने धीरे से अपने लंड को आंटी की चूत में घुसा दिया. आंटी के ऊपर चढ़ के मैं उसकी चूत को चोद रहा था. वो भी जोर जोर से मोअन कर रही थी और अपनी गांड को उठा उठा के चुदवा रही थी. सच में एकदम अमेजिंग अनुभव था वो. शाम तक आंटी ने मुझे अपनी चूत की चुदाई करने को दी और हम एक दुसरे को किस करते हुए नंगे ही लेटे रहे.

हसबंड के आने का टाइम हुआ इसलिए मुझे निकाल दिया. मैं आ तो गया लेकिन उस दिन से आंटी को चोदने की भावना और भी भड़क गई थी. अक्सर आंटी मुझे अपने घर पर बुला के चूत चोदने को देती हैं. और बूब्स को दबाने का और गांड सहलाने का काम तो ऑलमोस्ट हररोज होता हैं!!!

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