Hindi Sex Stories

Porn stories in Hindi

सेक्सी सास की चूत मारी जमाई ने

मैं एक आईटी कम्पनी में काम करता हूँ. और अभी कुछ समय पहले ही मेरी शादी हुई है. मेरी बीवी भी आईटी फिल्ड में ही काम करती है. हम दोनों ही एक दुसरे को बहुत प्यार करते है. मेरी वाइफ सर्विसिस कम्पनी में काम करती है और उसे ओन-साईट की बहुत सब ओपोरुनिटी मिलती रहती है. और एक बार उसे एक महीने के लिए युएस जाने का मौका भी मिला.

वो जा रही थी तो उसने अपनी माँ को मेरी देखभाल करने के लिए बुला लिया. और मेरी बीवी के आने तक सास ही मेरे घर पर रहनेवाली थी.

मैंने मेरी वाइफ को कहा भी की अगर तेरी माँ यहाँ आ जाएगी फिर तेरे पापा का ख्याल कौन रखेगा? तो उसने कहा की घर में कामवाली है पापा के लिए. यहाँ कामवाली रखना महंगा है, इसलिए गाँव में कामवाली पापा का पकाएगी और यहाँ मम्मी तुम्हारे लिए सब काम करेगी. जब तक मैं वापस नहीं आती मम्मी यही पर रहेगी.

मेरी वाइफ के जाने के अगले दिन ही मेरी सास मेरे घर आ गई. मेरी सास की शादी बहुत जल्दी यानि की 15 साल की उम्र में ही हो गई थी. और 17 साल की उम्र में उसका पहला बच्चा भी हो गया. मेरी वाइफ अभी 22 साल की है. और इस हिसाब से मेरी सास सिर्फ 39 साल की है. वो गोरी, मिडियम हाईट की, गोल चुचों और ऊपर उठी हुई मस्त गांडवाली है. मैं सच कहूँ तो बड़ी मस्त लगती है.

एक हफ्ता निकल गया. उस दिन शुक्रवार का दिन था. मैं अपनी वाइफ के साथ डेली सेक्स करता था. और शुक्रवार और शनिवार तो सेक्स जरुर होता ही था. मैं उसे और उसकी चूत को बड़ा मिस कर रहा था. मेरा लंड खड़ा हो गया था और वो सेक्स मांग रहा था. मैं लंड को हिला सकता था लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया. क्यूंकि मेरे घर में एक औरत थी जो की दिखने में सेक्सी ही थी. बस एक ही समस्या थी की वो मेरी सास थी रिश्ते में. और वही रिश्ता मुझे उसकी तरफ आगे बढ़ने से रोक सा रहा था.

तभी सास आई और बोली, चलो खाना रेडी है.

मैं: हां आता हूँ.

सास: 9 बज चुके है चलो खा लो जल्दी से.

मैं: आप ने खाना खा लिया?

सास: नहीं आप खा लो उसके बाद मैं खा लुंगी.

मैं: आप मेरे साथ ही बैठ जाओ ना, वैसे भी बहुत लेट हो चूका है.

हमने साथ में बैठ के डिनर कर लिया. वो सब बर्तन सही कर रही थी और टेबल को साफ़ कर रही थी. मैं उसकी तरफ ही देख रहा था और सोच में पड़ा था की कैसे इसे पटा के चोदु.

मैं: सासू माँ, आप ससुर जी के साथ सब तरह से खश तो हो ना?

वो हँसते हुए बोली, मतलब?

मैं: मतलब की तन मन धन से, खासकर तन से.

वो कुछ नहीं बोली और सिर्फ हंसती ही रही.

मैं: आप की हंसी का क्या मतलब है, मुझे कुछ समझ में नहीं आया?

सास: अरे मैं आप के साथ वो सब बात कर नहीं सकती हूँ मुझे शर्म आ रही है. प्लीज़ वो सब मत पूछो,

मैं: अरे मैं थोड़ी छोटा बच्चा हूँ की मेरे से शर्माना. आप सहज हो के मेरे से बात कर सकती हो.

सास: मैं खुश हूँ मेरे पति से अब कुछ मत पूछना इसके आगे.

और उसके चहरे के ऊपर बलश हुआ पड़ा था. मैं सोच रहा था की इस बातचीत का फायदा उठा के कैसे उसके साथ सिडकशन का गेम खेल के उसकी चूत ले लूँ बस! वो अपनी साड़ी में एकदम मस्त लग रही थी. उसने अन्दर सेमी ट्रांसपेरेंट ब्लेक ब्लाउज और गुलाबी रंग की कोटन साडी पहनी थी. मैं उसके इस आउटलुक को देख के ही होर्नी हो रहा था.

सास: आप इतने चुप चुप क्यूँ हो गए?

मैं: अरे आप को बात करने भर से शर्म आ रही है इसलिए.

सास: दुसरे कोई टोपिक पर बात करो.

मैं: बाकी तो मुझे सब कुछ पता ही है.

वो फिर से हंस पड़ी और बोली चलो मैं सोने के लिए जाती हूँ क्यूंकि अब वैसे भी दस बज गए है

मैंने देखा की इनडायरेक्ट रूट काम नहीं कर रहा था उसके साथ इसलिए मैंने सोचा चलो सीधे ही बात कर लेता हूँ.

मैंने सोचा की सीधे ही सास को चुदाई के लिए पूछ लेता हूँ. सब से अच्छा होगा अगर वो सीधे ही सेक्स के लिए हाँ कर देगी. या तो फिर मैं उसका जमाई हूँ इसलिए वू इन्सेस्ट सेक्स के लिए मना कर देगी. इसका मतलब की वो चुदना तो चाहती होगी लेकिन समाज के डर से नहीं करना चाहती होगी कुछ भी. और ऐसे में अगर मैंने थोडा जोर दिया तो वो मान ही जानी थी चुदवाने के लिए.

और सब से खराब ऑप्शन ये था की वो मेरे साथ सेक्स करने के लिए एकदम ही मना कर दे. और ऐसे में मेरे फ़ोर्स करने पर वो भाग सकती थी. और अगर भागना भी चाहती तो जाती कहाँ आखिर? इसलिए मैं किसी भी सुरत में उसकी चूत लेने की पोजीशन में ही था.

और अभी ओड मेरे फेवर में भी थे. और वो चिल्ला भी नहीं सकती थी क्यूंकि ये तो घर में सास और जमाई की बात थी. और भला वो थोडा चाहेगी की उसकी बेटी का संसार उसकी जिद की वजह से खराब हो.

तो इस तरह मैं एनालिसिस करने के बाद बिना किसी डर के आगे बढा. मैंने दरवाजा नोक किया और अन्दर जा के दरवाजे को लोक कर दिया.

सास: आप दरवाजे को बंद क्यूँ कर रहे हो क्या हुआ?

मैं: कुछ नहीं बस आप के साथ सेक्स करना था मेरा लंड खड़ा हुआ पड़ा है.

मेरी सास ने कहा, अरे हम दोनों का रिश्ता तो देखो और वैसे मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते है और खुश रखते है. मैं उन्हें धोखा नहीं दे सकती हूँ. ये सब बात छोड़ दो आप.

मैं: देखो मैंने फैसला कर लिया हैं की आज मैं सेक्स करूँगा. और अगर आप मुझे देती है तो मैं किसी को कुछ भी नहीं कहूँगा. ये बात इसी चार दिवारी के बिच में रहेगी. और मैं ये भी जानता हूँ की आप को फुल मजा आएगा. अगर आप नहीं मानेगी तो मैं किसी रंडी को ला के चोदुंगा. आप की मर्जी है.

वो कुछ नहीं बोली और मैं उसके पास गया और उसके हाथ को ऊपर कर के उसे अपने गले से लगा लिया.

सास: नहीं मत करो इ सब.

लेकिन उसका आवाज सरेंडर वाला था.

मैंने उसे टाईट हग कर के उसके गले के ऊपर किस दे दिया. और उसकी कमर के ऊपर से होते हुए हाथ को उसकी गांड पर ले गया. और धीरे से दबा दिया. उसने भी मुझे हग किया और अपने हाथ मेरी दोनों तरफ लपेट लिए. हम दोनों के बदन काफी गर्म थे.

उसकी बदन की खुसबू एकदम अलग और मादक थी. मैंने उसे किस करना बंद किया और उसकी गांड पर से हाथ भी ले लिए. उसके बाल को खोले और उन्हें निचे गिरने दिए. वो मेरे से नजरें नहीं मिला पा रही थी. मैंने उसके होंठो पर उंगलियाँ फेर दी और फिर उसके होंठो पर किस दे दिया. उसने आँखे बंद कर दी और वो बड़े पोजिटिव रेस्पोंस दे रही थी.

मैंने अपनी जबान से उसके होंठो को खोल दिया. और उसके मुहं को चाटने लगा. मेरे मुहं की सलाइवा उसके मुहं में और उसकी मेरे मुहं में अ रही थी. गर्म सलाइवा की वजह से मूड और भी मस्त होने लगा था. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी और मेरे माथे के बालों में उँगलियाँ फेर रही थी और मेरे माथे को जोर से अपनी तरफ खिंच रही थी. मैं उसके मुहं को एकदम जोर जोर से चूसता ही रहा.

मैं उसके बूब्स को भी दबा रहा था. उसके बूब्स उतने टाईट नहीं थे. शायद मेरे ससुर जी सास को खूब चोदते थे और बूब्स मसलते थे. लेकिन सास के बूब्स काफी सॉफ्ट थे. मैंने अब उनके ब्लाउज को खोला ताकि मैं बूब्स की चमड़ी को टच कर सकूँ. हमारे होंठ अब अलग हो चुके थे. हम एक दुसरे को नंगा करने लगे. और एक मिनिट में तो हम दोनों पुरे नंगे थे.

अब मैंने उसे पकड़ के बिस्तर के ऊपर धक्का दे दिया. और उसके एक बूब को अपने मुहं में ले लिया. वो काफी मस्त थी और चूची की सॉफ्टनेस के भी क्या कहने. मेरे हाथ से तो जैसे वो बूब फिसल ही रहा था दबाते और चूसते समय. अब मैं उसकी निपल्स को काटने लगा था. उसने मुझे जरा भी नहीं रोका और जो भी कर रहा था वो करने दिया.

अब मैं और भी जोर जोर से उसकी चूचियां चूसने लगा तो आखिर में उसके मुहं से हलकी सी मोअन निकली. मैंने सास को लंड मुहं में लेने के लिए कहा. उसने कहा मुझे ब्लोजॉब की आदत नहीं है. मैंने उसे थोडा फ़ोर्स किया और लंड चूसने के लिए कन्विंस कर ही लिया. और सच में उसके लंड चूसने का स्टाइल भी एकदम मस्त ही था!

सच में ब्लोजॉब ही एक ऐसी चीज है जो सेक्स को पूरा करती है. और बहुत कम लोगों को ये सुख प्राप्त होता है. मेरी अपनी वाइफ मेरा लंड नहीं चुस्ती थी लेकिन लकी था जो आज उसकी माँ के मुहं में लंड देने का सौभाग्य मिला था मुझे.

ओरल सेक्स के बाद अब हम रियल सेक्स के लिए भी एकदम रेडी थे. मेरा लंड चोदने के लिए पागल था. मैंने धीरे से सास की चूत को किस किया. और फिर उसकी फांको को खोल दिया. मैंने देखा की सास की चूत से पानी आ रहा था और उसकी स्मेल भी आ रही थी. पुसी यानी की चूत के लिप्स गुलाबी और चिकने चिकने थे. मैंने उसके ऊपर अपने लंड को घिसा, और मुझे लगा की शायद बहुत समय से सास को ससुर जी ने लंड नहीं दिया था.

सास की चूत काफी टाईट लग रही थी और उसके अन्दर लंड घुसाने में जैसे जोर करना पड़ रहा था. और मुझे मेरी और मेरी वाइफ की सुहागरात की चुदाई याद आ गई. आखिर मैंने उसकी चूत की फांक को एडजस्ट किया और उसके अन्दर लंड दे दिया. लंड के अन्दर घुसते ही उसने मुझे जोर से हग दे दी. और मैं अब धक्के देने लगा अपनी सास की चूत में.

मैं जोर जोर से उसकी चूत मार रहा था और उसके मुहं से मोनिंग की आवाजें मुझे और भी जोर से चोदने की एनर्जी दे रही थी. और मेरा लंड पूरा उसकी चूत में डाल के मैं अब उसे किस करने लगा. वो अह्ह्ह अह्ह्ह करते हुए खुद अपनी कमर को हिला रही थी. मैंने एक हाथ से सास के बूब्स पकडे और चोदने की स्पीड को फुल कर दिया. मेरा लंड पूरा उसकी चूत में घुस के बहार आता था.

सास ने भी अब जैसे शर्म छोड़ दी थी और वो अह्ह्ह अह्ह्ह ओह ओह्ह्ह्ह करते हुए मुझे लिपट के मस्त चुदवा रही थी.

फिर मैंने अपने लंड को बहार निकाला और खड़ा हुआ. वो मेरी तरफ सवाल भरी नजरों से देख रही थी. मैंने कहा, आप घोड़ी बन जाओ अब पीछे से चूत में डालूँगा आप की.

वो हंस के घोड़ी बन गई. उसका वजन घुटनों के ऊपर था. मैं पीछे से उसके कूल्हों को थोड़ा सहला दिया. उसकी गांड भी बूब्स के जैसी ही चिकनी थी. फिर मैंने कूल्हों के ऊपर प्यार से किस भी दे दी. और फिर अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के उसकी चूत में दे दिया.

अब की लंड सास की चूत की गहराई में घुस गया था उसे भी ये शॉट बड़ा अच्छा लगा. वो अपनी गांड को आगे पिछे करने लगी थी. और मैंने उसके कंधे को दोनों हाथ से पकड के जोर जोर से चोदना चालू कर दिया.

कमरे में हम दोनों की चुदाई की अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह की आवाजें आ रही थी. उसका बदन पूरा पसीना पसीना हो गया था और मेरी हालत भी ऐसी ही थी.

अब मेरे मुहं से मोअनिंग निकली अह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह! वो भी समझ गई की मेरा पानी छूटने को था. वो हिलना बंद हो गई. मैंने दोनों कूल्हों को दोनों साइड से दबा दिया जिस से लंड चूत में एकदम टाईट हो गई. सासु माँ की चूत के अन्दर ही मेरे लंड की गरम गरम पिचकारियाँ चूत गई!

मैं वीर्य चूत में छोड़ के उसके ऊपर ही गिर गया और उसके कंधो को किस करने लगा.

बूंद बूंद कर के बचा हुआ वीर्य भी चूत में छोड़ दिया मैंने. और फिर मेरा लंड अपनेआप ही सिकुड़ के सास की चूत से बहार आ गया. मैंने सास के बाल पर हाथ फिर के उसके कान पर किस किया और पूछा, कैसा लगा मजा आया की नहीं?

वो बोली, मेरी बेटी सच में बड़ी लकी हैं जो तुम उसे मिले!

दोस्तों फिर तो मेरी वाइफ के आने तक मैं रोज रात को अपनी सास को चोदता रहा. वो मेरे साथ ही मेरे बिस्तर में मेरी बीवी के जैसे सोती थी लंड चूत में डलवा के. बीवी के वापस आने के बाद हम दोनों को अकेले मिलने का मौका नहीं मिला फिर से. लेकिन सच कहूँ तो मैं उस मौके का बेसब्री से इन्तजार कर रहा हूँ.

ये थी मेरी एक सच्ची कहानी अपनी सास की चुदाई करने की. आशा है की आप को मेरी ये हिंदी सेक्स कहानी पसंद आई होगी!

 

Hindi Porn Stories © 2016 All stories posted here are for entertainment purpose only. Non of them is related to a real incident. All stories are based on imagination. You must have at least 18 years old to visit our website and also have legal right to visit these kind of site in in your country. please contact us with the link if you think, a post should not be on this website, please contact us. We will remove it as soon as possible.