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शराबी से गांड मरवाई

हेलो दोस्तों यह मेरी सच्ची देसी सेक्स स्टोरी है, मुझे गांड मरवाने का बहुत शौक है, मैंने पहली बार अपनी गांड मेरे दोस्त से ९ वी क्लास के टाइम मरवाई थी, वह कहानी मैं बाद में बताऊंगा.

मैं इंदौर का रहने वाला हूं, मेरा नाम कबीर है. मेरा वेट ८५ किलोग्राम है और हाइट ५ फुट ८ इंच है. उम्र २७ साल है और दिखने में एकदम गोरा हूं.

वैसे मैंने कई बार अपनी गांड में लौड़े लिए हैं पर कभी ओपन में गांड नहीं मरवाई थी, मेरा बहुत मन था ओपन एयर में गांड मरवाऊ.

मैं एक बार उज्जैन से लौट रहा था, बहुत थका हुआ था. इसलिए मैंने सोचा कि कहीं जा कर दारु पी लूं. घर पर भी कोई नहीं था. मैं दारू की शॉप पर जाकर रुका  वहां बहुत सारे शराबी थे, जिनमें से बहुत सारे अंकल भी है और कहीं हट्टे-कट्टे.

पर अभी मेरा मन चुदाई का नहीं था, इसलिए मैं अपनी दारू लेकर एक टेबल पर बैठ गया और एक क्वार्टर व्हिस्की ली थी और स्नेक्स ऑर्डर करें,  मैं जिस वाइन शॉप में गया था ठीक उसके पीछे बहुत बड़ा जंगल भी था, जो एक गांव से लगा हुआ था. जब मैं दारु पीने लगा तो धीरे-धीरे मेरा गांड मरवाने का मन होने लगा.

फिर क्या? मैंने इधर उधर देखा सब दारु पिए हुए थे और बात कर रहे थे. हल्की हल्की हवा भी चलने लगी थी और सुरूर भी जाग रहा था, मेरा गांड का किडा उछल रहा था मरवाने को, मुझे जोर से बाथरुम लगी. जब मैं बाथरुम में घुसा तो देखा एक अंकल मूत रहे थे.

मैंने अपनी तिरछी नजर से उनको देखा, वह करीब ५०-५५ की उम्र के लग रहे थे उनका ध्यान नहीं था, फिर मैंने थोड़ा लंड को जाक कर देखा, बहुत बड़ा और काला था, लगभग ७ इंच का था, मेरी तो गांड उछल रही थी उससे गांड मरवाने को, पर डर रहा था. इसलिए कुछ नहीं किया. मैंने फिर उनको देखा वह भी मेरी तरफ देख रहे थे पर कुछ बोले नहीं. उनका मुतना हुआ और वह एकदम पीछे हुए और लड़खड़ा गए.

मैंने उनको पकड़कर संभाला और थोड़ा बाथरुम के बाहर जाकर देखा कि कोई नहीं आ रहा था, मैंने मौके का फायदा उठाया और उनका लंड पकड़ लिया और बोला, अंकलजी संभाल कर. उनको दारु चढ़ी हुई थी मैंने उनका थोड़ा लंड को हीलाया, इतने में किसी की आने की आवाज सुनाई दी. मैंने झट से उनका लंड  पैंट के अंदर किया और बोला संभल कर जाओ अंकल. मेरा दिमाग आउट हो गया था एक आदमी अंदर आ गया था मेरे मूड की मां चोद दी साले ने.

मैं अपने टेबल पर जाकर बैठा और उन्ही अंकल को देखे जा रहा था, और वह अंकल का ध्यान भी मेरी तरफ था. मैंने वापस इधर उधर देखा वह अंकल अपने एक दोस्त के साथ बैठे हुए थे. पर उनका ध्यान मेरी तरफ था. मैंने दारू का एक पेग लगाया और फिर जब मैंने उनकी तरफ देखा वो स्माइल कर रहे थे मुझे देख कर. मैंने उनको देखकर आंख मारी और वह भी मेरा इशारा समझ गए थे.

फिर मैं १० मिनट बाद वहां से उठा और अंकल की तरफ देखा और फिर इशारा करके बिल पे करके बाहर आया और एक सिगरेट जलाई, मैं उनका इंतजार कर रहा था. थोड़ी देर बाद वह बाहर आए, और इधर-उधर देख रहे थे शायद मुझे ही ढूंढ रहे थे. उन्होंने बहुत पी रखी थी उनकी आंखें लाल थी. मैं उनके सामने जाकर खड़ा हुआ और फोन पर बात करने की एक्टिंग करने लगा. उन्होंने मुझे देख लिया मैंने उनको इशारा किया साइड में आने का.

और साइड के अंधेरे में झाड़ियों के पास में मूतने लगा, वहां कोई नहीं था. इतने में वह भी साइड में आकर मूतने लगे, मैंने उनकी कमर में हाथ डालकर अपनी तरफ खींचा और उनके लंड को पकड़ लिया, वह कुछ नहीं बोले और मेरे गाल पर किस कर के बोले यू आर सो क्यूट.. मेरा मन लंड लेने की प्यास और जाग गई

फिर मैंने बोला.

मैं – आई एम कबीर.

अंकल – आई एम दीपक कुमार, क्या इरादा है?

मैं – मैंने बोला कहीं चले क्या स्माइल देकर बोला.

दीपक – कहीं क्यों यहीं मजे लेते हैं.

मैं – फिर थोड़ा अंदर झाड़ियों में चलो यहां कोई आ जाएगा, तो मजा किरकिरा हो जाएगा.

दीपक – जैसे बाथरुम में तुम्हारा मजा किरकिरा हो गया था? और हंसने लगे, चलो अंदर चलो.

मैं आगे जाने लगा वह अपने फ्रेंड को कॉल करके बोले तू निकल में जरा आगे निकल रहा हूं, बाद में बात करता हूं. मैं अंदर झाड़ियों में जाकर उनका इंतजार करने लगा.

वह ५ मिनट बाद अंदर आए मैंने उनको हग किया और किस करने लगा, वह मेरे बदन पर हाथ फेर रहे थे और मजे से किस कर रहे थे, उनके मुंह से दारू की स्मेल की आ रही थी उस से मुझे और जोश आ रहा था.

मैं जमकर किस करने लगा हल्की हल्की ठंडी हवा में उन को किस करना और भी गर्म कर रहा था, फिर मैंने उनका शर्ट खोला और खड़े खड़े उनकी बॉडी को चूमते चूमते उनके लंड पर पहुंचा और घुटनों पर बैठकर मैंने उनकी पेंट की जिप को खोल कर उनकी पेंट उतार दी और उनकी अंडरवियर के ऊपर से उनको किस करने लगा.

उनको बहुत मजा आ रहा था, उन्होंने मेरा टी शर्ट उतार दिया और सिसकिया लेने लगे, फिर मैंने उनकी चड्डी उतार दी और उनका बड़ा सा काला लौड़ा मेरे सामने था.

मैंने उन का लंड हाथ में लिया, वह और जोश में आ गए. वह बोले कि चुस कुत्ते के पिल्ले उनके मुंह से गाली सुनकर और जोश आ गया. मैंने उन का लंड उठाया और जबान से चाटने लगा कुत्ते की तरह, वह बोले साले रंडी की औलाद मुह में ले कुत्ते मैं उन को तड़पा रहा था, मैंने उनके अंडे अपने मुंह में लिए.

और फिर बाद में उनके अंडवा चूसने के बाद मैंने उनका लंड अपने मुंह में ले लिया वह भी जोश में आकर मेरा मुंह दबाने लगे, बोल रहे थे कि चूस हरामखोर, आज मेरी प्यास बुझा हरामी. मैं उनकी गालियां सुन कर पागल हो रहा था और जोश भी आ रहा था.

मैं उनके लंड को चूस रहा था उनका हाथ मेरे सर को दबा रहा था, फिर उन्होंने मेरा मुंह अपने लंड से चोदने लगे, १५ मिनट बाद उन्होंने मेरे मुंह में छोड़ दिया मैंने उनका गरम माल मुंह में लेकर थूक दिया.

थोड़ी देर ब्रेक लिया और सांसे भी फुल रही थी दोनों की, फिर मैं उठा अपनी पेंट उतार कर चड्डी में आ गया, मेरा लंड  खड़ा था और गांड की खुजली जाग रही थी. मैंने देखा वह अंकल एक पेड़ को टेककर आराम से खड़े थे मैंने उनकी चेस्ट पर हाथ घुमा कर पूछा, थक गए क्या?

वह बोले अभी कहां.. उन्होंने मेरे बाल पीछे से पकड़कर मेरे को किस करने लगे, मैंने अपना नंगा बदन उनके बदन पर टिका दिया और वापस गरम हो गए, और उनके लंड को मैं सहला रहा था, उन्होंने मेरे बाल पकड़ कर झुकाकर लंड के पास ले गए और बोले चूस वापस.

मैं ५ मिनट चुस कर खड़ा हो गया, अंकल पूछने लगे क्या हुआ? फिर मैं उनकी आंखों में देखकर अपनी चड्डी उतारी और कुत्ता बनकर उनके लंड पर टिक गया, फिर उनके लंड पर गांड रगड़ने लगा और वह आह औउ हहह कर रहे थे.

फिर उन्होंने मेरी गांड खोलकर मेरे छेद पढ़ थूका और गांड के छेद को मजे से चाटा और गांड में लंड डाल दिया, गांड का छेद बड़ा है इसलिए जट से लंड अंदर घुस गया.

वह बोले साले हरामी गांडू कितनों के लंड लिए हैं? मैंने बोला १५ के, साले बहुत चुदाई हुई है तेरी.. बहुत बड़ा छेद हे तेरा.. फिर वह मुझे चोदने लगे, मेरे बड़े बूब्स को पकड़कर कुत्तों के पोज में चोदने लगे, मुझे बहुत मजा आया.

१० मिनट के बाद में लेट गया और गांड ऊपर कर दी और फिर उनका लंड लेने लगा. उन्होंने मेरी ३५ मिनट तक चुदाई करी जब उनका झड़ने वाला था उन्होंने मेरे मुंह में लंड डालकर पूरा माल निकाल दीया.

मैं उनके गरम लंड का पानी पूरा पी गया पूरी चुदाई के बाद हम थोड़ी देर जमीन पर लेटे रहे और फिर थोड़ी देर बाद उठ कर एक दूसरे को साफ किया, और कपड़े पहन कर वहां पहुंचे जहां हम मूत रहे थे, मैं अपना लंड वहां खड़े होकर हीला रहा था इतने में अंकल ने मेरा लंड पकड़कर हीला दिया और मुत निकाल दिया.

बाहर आने के बाद टाइम देखा तो रात के १२:३० बज रहे थे, वाइन शॉप बंद हो चुकी थी. एक बुड्ढा वॉचमेन सो रहा था. मैं उसको देख रहा था, अंकल ने मस्ती में बोला प्यास नहीं बुझी क्या? मैंने स्माइल दी और पार्किंग में सिर्फ मेंरी ही कार खड़ी थी.

मैंने अंकल को पूछा आप कैसे जाओगे? वह बोले मेरा फ्रेंड गाड़ी ले गया होगा. मैं ऑटो से चला जाऊंगा, मैंने उनको लिफ्ट ऑफर की, वह खुश होकर हां बोल दीए. मैंने उनको घर तक छोड़ा, उन्होंने रास्ते में बताया वह गुड़गांव से थे, वह यहां जॉब करते हैं. उनकी फैमिली गुडगांव में है. उनकी उम्र ५२ साल थी, फैमिली से दूर रहने की वजह से वह ज्यादा सेक्स नहीं कर पाते थे.

उनकी इच्छा बहुत होती थी, पर कोई मिलता नहीं था. पर आज मैंने उन की प्यास बुझा दी, वहां उनके रिलेटिव के साथ रहते, अपने नंबर हमने एक्सचेंज किए, मैंने फिर रास्ते में एक अंधेरी जगह देख कर उन का लंड चूसा और उसके बाद उनके घर जा कर छोड़ा..

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