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तबेले में चुदाई

हेलो दोस्तों मेरा नाम चंदन है मैं २४ साल का एक हट्टा-कट्टा लौंडा हूं, और चूत चोदने को मिल जाए तो मैं खुशी से पागल हो जाता हूं, और जिसे चोदता हूं वह सारी उम्र मेरे लंड को याद करता है और चोदने के स्टाइल को.

मैं किसी भी चूत में भेदभाव नहीं करता, मतलब चाहे वह १८ साल की लड़की हो या ३५-५० साल के बीच की औरत या कोई बूढी हो, मुझे सिर्फ चूत से मतलब है, चाहे वह दिखने में कैसी हो, काली हो, गोरी हो, मोटी हो, पतली हो, दिखने में सुंदर हो या बदसूरत, में सब को चोदता हूं. अपनी तारीफ तो बहुत हो गया अब कहानी पर आता हूं.

आपको पहले ही बता चुका हूं कि मेरे घर के सारे लोग १०-१५ दिन के लिए बंगलौर गए थे, यह कहानी तब कि हे मैं हर दिन घर में अकेला रहता था, बोर हो रहा था. मेरे घर के पास एक औरत रहती है जिसे मैं दादी बुलाता था, हमारे बीच में काफी हंसी मजाक होता था, एक दिन दादी मुझे बोली दिन में क्या करता है?

मैंने कहा कुछ नहीं, तो दादी बोली हमारे तबेले में आजा मैं भी वहां बोर होती हूं, दोनों मिलकर बातें करेंगे. मैंने कहा हां ठीक है, कोई बात नहीं मैं आ जाऊंगा. उस दिन मैं दोपहर को खाना खाकर उनके तबेले पर चला गया, जब वहां पहुंचा तो देखा कि दादी पेशाब कर रही थी, उनका गांड मेरी तरफ था.

उनकी गांड देखकर मेरा लंड अपना काम शुरू करने लगा था, फिर वह पेशाब करके थोड़ा जुक के खड़ी हुई तो मुझे उनका गांड और चूत साफ दिखने लगा, मैं तो पागल हो रहा था, मैंने उनके बारे में कभी ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन अब मन कर रहा था कि लंड घुसा दूं चूत में.

फिर वह जब अपनी साड़ी नीचे करके जब मेरी तरफ घूमी, तो मैं डर गया कुछ बोलेगी शायद लेकिन वह कुछ नहीं बोली. फिर वह हंस कर बोली कब आया? मैंने कहा अभी आया हूं. तो वह बोली अभी या कुछ देर पहले? मैंने कहा हां २ मिनट हो गया है, तो दादी हंसते बोली तो दर्शन किया? मैंने कहा क्या दर्शन? तो दादी बोली मेरी चूत का. मैं तो सुनकर पागल हो गया.

मैंने भी बिना डरे कहा हां थोड़ा सा देखा है, तो दादी बोली आजा बैठ कर बात करते हैं, वहां एक चारपाई खटाई था, वहां बैठ गए. तो दादी बोली थोड़ा ही देखेगा, बूढी का थोड़ी ना तुझे पसंद आएगा. मेने कहा दादी में भेदभाव नहीं करता चाहे वह बूढी का  चूत हो या लड़की का चूत हो हर चूत मजा ही देती है.

तभी मैं अचानक नोटिस किया कि उन्होंने ब्लाउज नहीं पहनी थी, उसके वजह से उनका बूब्स साइड से दिख रहा था, और उनका निप्पल साफ पता चलता था. तो दादी बोली सच्ची में तुझे सब चूत पसंद है, मैंने कहा हां आपका चूत थोड़ा सा देखा लेकिन बहुत पसंद आया. थोड़ा और देखने को मिल जाए तो और मजा आएगा. तो दादी बोली सच्ची में देखेगा? मैंने कहा हां, तो दादी ने अपनी साड़ी ऊपर कर ली और मैं देखने लगा. मैंने कहा दादी थोड़ा सा हाथ लगा कर अच्छे से देखने दो, तो दादी बोली हां क्यों नहीं? तो मैं हाथ लगाया वाह मस्त था चूत एकदम सॉफ्ट था, बाल बहुत कम थे लेकिन मस्त था.

मैं धीरे धीरे चूत में हाथ फेरने लगा और दादी से पूछा दादी कितने साल से नहीं चुदाई है? तो वह बोली हां कुछ १० साल हो गए, मेने कहा चुदने का मन नहीं करता? तो बोली की करता है लेकिन कौन चोदेगा इस बूढी को? तो मैंने कहा दादी मैं चोदना चाहता हूं.

तो दादी खुश हो उनके बोली सच में, मेरे तो भाग्य ही खुल गए. मैंने कहा हां और बोल कर उनकी चूत चाटने लगा, मस्त सोल्टी था. एकदम चाट कर गीला कर दिया और दादी को बोला दादी थोड़ा मेरा लंड भी गीला कर दे, तो वह मेरे लंड को चूसने लगी और मस्त चूस रही थी. मजा आ गया फिर मैं चूत में लंड डालकर चोदने लगा.

और उनका पल्लू निकाल कर बूब्स को दबाने लगा और चूसने लगा. कुछ देर चोदने के बाद मैंने कहा दादी तेरा गांड में चोदना चाहता हूं, दादी बोली गांड में मैंने कभी नहीं चुदाया है, मैंने कहा कभी भी नहीं? तो दादी बोली नहीं. तो आज करते हैं तो दादी बोली ठीक है, लेकिन एक मिनट रुक बोलकर

वह देसी घी निकाली और थोड़ा मेरे लंड पर लगाया और थोड़ा उनके गांड के होल में. मैंने थोड़ा हाथ में भी लेकर उनकी गांड में उंगली किया और चाटने लगा, थोड़ी देर चाटने के बाद गिला कर दिया, फिर थोड़ा घी लिया उनके गांड में और थोड़ा लंड में लगा कर उनको डॉगी पोज में रखा, और धीरे-धीरे लंड को घुसाने लगा.

और धीरे धीरे चोदने लगा उनकी चीख तो निकल रही थी आह्ह औऊ अह्ह्ह दर्द हो रहा है लेकिन मजा भी आ रहा है. कुछ देर चोदने के बाद दादी बोली लंड बाहर निकाल, मैंने जब बाहर निकाला तो उन्होंने एक जोर से बम डाली मतलब उनका गैस निकला, मतलब पाद दिया. फिर मैं लंड गांड में डालकर चोदने लगा, कुछ देर चोदने के बाद मैंने अपना लंड निकाल कर उन की चूत में घुसा दिया, एकदम से घुस गया क्योंकि लंड में घी लगा था.

और जोर जोर से चोदने लगा, और जब मैं झड़ने लगा तो उनके चूत में झड़ गया, और लंड चुत में रखकर उनके ऊपर लेट कर माल छोड़ दिया उनकी चूत में. फिर हम दोनों थोड़ा लेट गए और मैं दादी को बोला दादी तेरी चूत में मेरा सारा माल है, तो वह बोली डरने वाली कोई बात नहीं मैं प्रेग्नेंट नहीं होऊंगी, मैं तो फैमिली प्लानिंग ऑपरेशन कर चुकी हूं. तो मैंने कहा ठीक है, अब मैं चलता हूं बहुत देर हो गया.

थोड़ा काम है कल फिर आऊंगा, तो दादी बोली हां ठीक है, कल फिर आना मुझे चोदने. मैंने कहा कल आऊंगा और मैं चला गया. अगले दिन जब गया तो दादी ठीक से चल नहीं पा रही थी, मैंने पूछा क्या हुआ?

तो दादी बोली कल जो गांड में चोदा था आज बहुत दर्द कर रहा है, मैंने कहा ठीक है कोई बात नहीं ठीक हो जाएगा. और मैंने फिर चोदने लगा हर रोज दिन में जाकर चोद देता था.

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