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टयूशन वाली प्रियंका की जवानी

हेलो दोस्तों मे अमन सिंह फिर से अपने सब दोस्तों के खड़े लंड और चुतो में पानी लाने के लिए अपनी नई सेक्सी कहानी ले कर आया हूं. दोस्तों इस बार की कहानी में मेरे एक खास दोस्त की मैडम की है जिसका नाम प्रियंका था, इस कहानी में उस की मैडम उसे कैसे चुदाई सिखायेगी अब वह आप को बताएगी.

उस से पहले मैं आप को उसके बारे में बता दूं.

प्रियंका जो की शादीशुदा औरत थी पर उस का तलाक हो चुका था. अब वह शिमला में रहती थी, उस की उम्र २६ साल है और आज भी वह बहुत सेक्सी दिखती हे, उस को देखने भर से लंड उस को सलामी देने लग जाते हैं, उस का फिगर आज भी ३४-२८-३६ है, उस के बोबे अभी भी फुली टाइट है, और उस की मोटी और मुलायम गांड के तो क्या कहने? देख के ही सब को लगता हे की अभी के अभी अपने लंड को उस की गर्म गर्म गांड के अंदर डाल के उस की गर्मी निकाल दे.

अब आगे की कहानी प्रियंका मैडम की जुबानी.

हेलो दोस्तों, मेरा नाम प्रियंका है, मैं शिमला से हूं. मेरी उम्र २६ साल है, अब मैं किराए पर पटियाला में रहती हूं.

क्यों कि मैने एम. ए किया हुआ हे इसलिए मुझे आसानी से टीचर की नौकरी मिल गई, पर नौकरी से ज्यादा कोचिंग से कमाई थी इसलिए मैंने फुल टाइम कोचिंग सेंटर खोल दिया.

एक दिन एक आंटी मेरे पास एक १८ साल के लड़के को ले कर आयी उसे देख कर अंतर्वासना जाग गयी थी, मैंने महसूस किया कि वह १८ साल का लंड ही मेरी सांलो की प्यास बुजाएगा.

मैं उस को शाम की क्लास में बुलाने लगी क्योंकि उस टाइम मैं और वह अकेले होते थे, मैं उसे शाबाशी देने के बहाने उस के गाल पर किस कर देती थी, और कभी कभी उस को गले भी लगा देती थी.

उस को मेरे जिस्म से आती परफ्यूम की खुशबू बहुत पसंद थी.

एक दिन मैंने अपनी सलवार की मयानि (सलवार में चूत के ऊपर लगा हुआ कपड़ा) की सिलाई फाड़ डाली ताकि जब में अपनी टाँगे खोल के बैठू तो मेरी चूत साफ साफ दिखे.

अब मैं उस को पढ़ाने के लिए अपनी कुर्सी पर अपनी टांगो को खोल कर बैठ गई.

अब मैं उस को पढ़ाने के लिए कुर्सी पर टांगे खोल कर बैठ गई और थोड़ी देर बाद मेंरा प्लान कामयाब होने लग गया, अब वह अपनी आंखें फाड़ फाड़ कर मेरी टांगों में देखने लग गया.

कुछ देर के बाद में उस को बोली क्या देख रहे हो तुम?

वह बोला : कुछ नहीं मैडम..

मैंने कहा : सच सच बताओ वरना मैं तुम से बात नहीं करुंगी.

वह बोला : मैडम जी आप की सलवार फटी हुई है.

मैंने कहा : क्या? मेने देखने का नाटक किया और कहा ठीक है, पर तुम किसी को बताना मत.

वह बोला :  मैडम जी अगर आप मुझे अपनी बॉडी की खुशबू सुघने को दो तो मैं किसी को नहीं बताऊंगा.

मैंने कहा : अरे अच्छा, यह बात है तो सूंघ लो.

अब वह मुझे सूंघने लगा, उस की गर्म गर्म सांसे मेरे बदन से टकराने लग गयी, में जैसे पागल सी होने लगी, मेरी इतने सालों की अंतरवासना अब टूट गई थी, अब मैं उस को लिप किस करने लग गई, मैंने अपने होंठ उस के होंठ पर रख दिए और चूसने लग गई उस का एक हाथ पकड़ कर अपने बोबे पर रख दिया और दबाने लग गयी.

अब वह मेरे बूब्स को दबाने लग गया, वह मेरे बूब्स ऊपर से दबा रहा था और कुरते के ऊपर से हाथ डालने लग गया था, पर मेरा कुर्ता पूरा टाईट होने की वजह से उस का हाथ अंदर नहीं गया.

मैंने कमर की तरफ से हाथ डालते हुए कुरते की हुक खोल दी, अब उस ने आसानी से अपने हाथ मेरे कुर्ते के अंदर डाल दिए और अब मेरे बूब को मसलने लग गया.

वह बोला मैडम आप के संतरे बड़े सुंदर है क्या आप इन्हें मुझे बुरे खोल कर दिखा सकते हो?

मैंने कहा : देखो तुमने पहले मेरी चूत भी देख ली, अब मैं अपने संतरे तुम्हे जब दिखाऊंगी जब तुम मुझे अपना लंड दिखाओगे.

अब वह शर्माने लग गया और मैंने अपना एक हाथ उस की पेंट में डाला और उस का लंड अपने हाथ में पकड़ लिया उस का लंड पूरा खड़ा हुआ था.

पर मेरे जैसे शादीशुदा औरत के लिए यह लंड काफी नहीं था, मेरे हिसाब से उस का लंड छोटा और पतला था.

अब मैंने उस की पेंट का बटन खोला और उसे नंगा कर दिया और दिखा तो उस का लंड ऊपर की तरफ मुंह कर के पूरा खड़ा हुआ था, यह देख ने से साफ पता चल रहा था कि अभी यह नया लंड है क्योंकि अभी लंड के तनके भी नहीं टूटे थे.

मैंने उस के लंड मास को थोड़ा सा पीछे किया तो उस के नीचे सफेद कलर का कुछ लगा हुआ था. जिस में से बहुत बदबू आ रही थी.

में उसे सीधा बाथ रुम में ले गई और साबुन से अच्छे से उस का लंड साफ किया. अब मैं उस के लंड को चूसने लगी.

तभी वह बोला : मैडम मैं आपकी चूत का टेस्ट कर लूं?

मैंने कहा : नहीं अभी तुम रुक जाओ.

अब मैं उस के लंड को बुरी तरह से चूसने लग गई थी, मैंने लंड को अपने मुंह में अंदर बाहर पूरा ले रही थी और बीच बीच में लंड को जुबान से चाट भी रही थी. थोड़ी देर बाद वह खुद मेरे मुंह को चोदने लग गया.

अब उसका जिस्म अकड़ने लग गया, उस का सारा पानी मेरे मुंह में ही निकल गया और मैंने सारा पानी अपने गले में उतार लिया.

वह बोला : यह क्या हुआ मैडम?

इससे यह पता चल जाता है कि यह उसका जिंदगी का पहला पानी निकला है.

मैंने कहा : इस खेल में ऐसा ही होता है, तुम टेंशन मत लो.

वह बोला : मैडम बहुत मजा आया, क्या इस खेल को ऐसे ही खेलते हैं?

मैंने कहा : नहीं असली मजा तो उस के बाद हे मैं तुम्हें यह कल बताऊंगी.

वह बोला : मैडम आप मुझे अपनी चूत का टेस्ट करवाओ.

अब मैं अपनी सलवार उतार कर बेड पर लेट गई, उस ने मेरी चिकनी और पूरी क्लीन चूत पर अपने होंठ रख दिए और मेरी चूत को चूसने लग गया, वह मेरी चूत को बुरी तरह चूस रहा था, मुझे साफ दिख रहा था कि यह नया खिलाड़ी है, अभी उसे सब कुछ सिखाना पड़ेगा.

और वह अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा था, उस के चुत चाटने से मेरे मुह से आवाज आने लगी थी.

उसने चूत से मूह हटाकर पूछा, मैडम आप ठीक हो ना? आप को दर्द तो नहीं हो रहा है ना?

मैंने कहा नहीं मुझे दर्द नहीं मज़ा आ रहा है तुम लगे रहो.

अब उसने मेरी चूत पर अपनी गर्म जुबान लगा दी, मुझे बहुत मजा आया और मैं तो तदपने लगी. वह मेरी चूत को चोद रहा था और थोड़ी देर बाद उस ने अपना मुंह मेरी चूत से हटा दिया, शायद वह थक चुका था. मैं फोर्स नहीं करना चाहती थी इसलिए मैं आज मैं उसका पानी पीकर बहुत खुश थी.

मैंने उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसे कस के जप्पी डाल दी और  मैंने उसे कहा

चलो अब तुम अपने घर जाओ, बाकी काम हम कल करेंगे. तुम्हारी मम्मी चिंता कर रही होगी.

फिर मैं अगले दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार करने लग गई थी.

फिर वह आ गया आज उसकी सारी हिचक दूर हो गई थी, आज वो पूरा नंगा हो गया.

काफी देर हमने चुम्मा चाटी की और बाद में मैंने उसे चोदने का तरीका बता दिया.

अब उसने लंड को मेरी चूत में डाल दिया और आगे पीछे करने लग गया. मेरे जैसी शादीशुदा औरत के लिए यह लंड कुछ भी नहीं था पर उंगली और मोमबत्ती से तो बहुत ज्यादा अच्छा था, क्योंकि इसमें बहुत मजा आ रहा था.

वह अपनी पूरी ताकत से मेरी चुदाई कर रहा था, अब उसे जोश दिलाने के लिए में अहहह अहह इह अहह हिः हां हयाय्य ह्ह्ह ही अहह अनम्म हह्हियो अहह  करने लग गई, वह अपनी पूरी मेहनत से चुदाई कर रहा था.

वह मुझे ऐसे चोद रहा था कि जैसे उसे नहीं चूत मिल गई हो पर उसे क्या पता था कि नई चूत में और पुरानी चूत में कितना फर्क होता है? और फिलहाल यह उसकी पहली चुदाई थी.

थोड़ी देर बाद उस का पानी निकल गया उस ने सारा पानी मेरी चूत के अंदर ही निकाल दिया.

वह बोला मैडम यह खेल में पहले से ज्यादा मजा आया.

अब हम रोज चुदाई करते है और मैं उस का रोज पानी पीने लग गयी.

करीब २ साल तक हम यह खेल खेलते रहे अब वह बड़ा हो चुका था और उस का लंड भी.

वह दिन वह अपने एक दोस्त को ले आया.

वह बोला मैडम मेरा यह दोस्त भी आप के साथ वह खेल खेलना चाहता है.

मैंने तभी उसे जोर से थप्पड़ मारा.

मैंने कहा चल साले निकल यहां से रंडी समझा हुआ है क्या? मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूं और तुम मुझे बाजार में चुदवाना चाहते हो?

अब वह और उसका दोस्त चले गए और मैं अभी पटियाला से रोहतक आ गई और वहां जा कर फिर से अपना कोचिंग का काम शुरू कर दिया.

बस यह है मेरी सच्ची कहानी.

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