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उसने मेरी माँ को मैंने उसकी बीवी को चोदा

मैंने अपनी मम्मी को अपनी तरफ से तो रंडी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. जैसे ही हम घर पर अकेले होते थे तो मैं उनके उपर जानवरों के जैसे टूट पड़ता था. वो सामने से मुझे चोदने के लिए कहती थी. वो मेरे पापा को अब ज्यादातर टच करने भी नहीं देती थी. माँ को मेरे लंड का ऐसा चस्का लगा था की वो मेरी रंडी बन के रह गई थी.

हमारी सोसायटी में बहुत सब काम्वाले नोकर है. मैं एक बार दोपहर में बहार खेलने के लिए गया. उस दिन गर्मी जयादा थी इसलिए बहुत कम चहल पहल थी. और खेलने वाला तो कोई था ही नहीं. और तभी मुझे कुछ आवाजें सुनाई दी.. वो आवाजें एक बंद मकान से आ रही थी जिसके मेन डोर पर तो ताला ही था. लेकिन इस घर के साइड के दरवाजे को टूटे हुए एक ज़माना हो गया था. और वो खोपचे जैसी जगह थी सब के लिए.

मैंने अंदर झाँका तो अंदर हमारे नोकर को मैंने पड़ोस के वर्मा जी की कामवाली के साथ सेक्स करते हुए देखा. वो एक जवान लड़की ही थी जिसको अब्दुल (हमारा नोकर) चोद रहा था. वो लड़की के लिए अब्दुल का लंड लेना एकदम मुश्किल सा हो रहा था. वो कराह के चीखें मार रही थी. और उसकी ही आवाजें बहार मैने सुनी थी. वो कामवाली शायद उसका लंड लेने के लिए ही उसके साथ आई थी. लेकिन अब ये सेक्स एकतरफा हो गया था और मजे सिर्फ अब्दुल को ही आ रहे थे. और वो कामवाली का टी जैसे रेप हो रहा था! मुझे एक पल के लिए लगा की मुझे चीख के इस कामवाली का मजा ले लेना चाहिए. लेकिन फिर मैंने सोचा की चलो घर मम्मी है तो. और मैं वहां से चला गया.

घर पर मम्मी वैसे भी अकेली थी. मैं बहुत होर्नी हो चूका था अब्दुल और कामवाली का काण्ड देखक इ. मैं घर आया और अपने लंड को बहार निकाल के मम्मी के सामने रख दिया. मम्मी ने हंस के सीधे ही मेरे लंड को अपने मुहं में भर लिया और चूसने लगी. और उसने मेरा पानी नीकलवा दिया. और उतने में अब्दुल के काम पर आने का वक्त भी हो गया था. वो घर में स्वीपिंग, गार्डन में पानी देने का और ऐसे ऊपर ऊपर के काम करता है.

वैसे तो वो बिलकुल नार्मल और सीधा लगता था. लेकिन इस 30 साल के हरामी की काण्ड मैंने आज अपनी आँखों से देखी थी. जब मम्मी ने मेरा लंड चूसा था तब मैंने उसके बूब्स भी दबाये थे और इस वजह से माँ के बूब्स ब्रा में थोड़े ऊपर को उठ गए थे. अब्दुल आया तो माँ ने उसे डांटा क्यूंकि वो लेट आया था. लेकिन वो तो मैं और अब्दुल ही जानते थे की वो क्यूँ लेट हुआ था. मोम को बहार जाना था इसलिए वो खुद भी पोछा लगाने लगी. और अब्दुल साइड में झाड़ू देने लगा. माँ झुकी और उसकी नावेल थोड़ी सी दिखी. मैं साइड में बैठ कर खा रहा था. अब्दुल की नजर बार बार उधर जा रही थी. लेकिन माँ का पल्लू होने की वजह से वो बेचारा देख नहीं पा रहा था सही ढंग से.

और फिर इस नोकर ने माँ से गलती से टकराने का नाटक किया और पल्लू को हटा दिया और वो माँ को सोरी बोलने लगा. मम्मी का ध्यान उसकी सोरी में चला गया और वो पल्लू को भूल ही गई. और पुरे वक्त वो अब मेरी मम्मी के बूब्स को घुर रहा था. साला कुछ देर पहले किसी को कस कस के चोद के आया था लेकिन उसके लंड की भूख अभी मिटी नहीं थी जैसे!

फिर मम्मी ने चेंज किया और वो बहार चली गई अपने किसी काम से. अब घर में मैं और अब्दुल ही थे. मैंने अब्दुल को कहा साले तुम उस कामवाली को चोद रहे थे ना वो खंडर मकान में वो मैंने सब देख लिया है. वो डर गया और बोला किसी को बताना मत ठीक है. मैंने कहा नहीं बताऊंगा. वो बोला तू बताएगा तो मैं सब को बोल दूंगा की तेरी माँ तेरा लंड लेती है!

मैंने कहा साले तुझे कैसे पता? वो बोला तेरी माँ के ऊपर मेरी नजर है, बड़ा मस्त माल है, मेरी चुदाई का क=जुगाड़ करवा दे, मैं तुझे नयी जवान लडकियों  के साथ मजे करवाऊंगा कसम से!

मेरे दिमाग में अब्दुल की बीवी का ख्याल आया. वो भी यहाँ पड़ोस में काम करती है और गजब की माल है. और उसकी स्किन भी एकदम चिकनी लगती थी मेरे को. मैंने अब्दुल के साथ डील की मैं तुझे माँ को चोदने में नहीं रोकूंगा लेकिन तुझे तेरी बीवी के साथ मुझे सेक्स करने देना होगा. वो पहले तो कुछ सोच में पड़ गाया. लेकिन आखिरकार वो मान ही गया.

मैंने उसे बोल दिया की पापा घर पर लेट आयेंगे और मेरा ट्यूशन जाने का वक्त था. मैं नहीं जाने वाल्ला था. माँ को लगेगा की मैं ट्यूशन में हु. मैं छिप जाऊँगा. मैंने बोला तुझे जो करना है वो कर लेना मेरी मा के साथ. मैं बेड के निचे छीप गया. कुछ देर में माँ आई तो अब्दुल उसके ऊपर चिपक सा रहा था. माँ आई और पहले ही वो चेंज करने के लिए चली गई.

मम्मी ने वापस साडी पहन ली थी लेकिन उसका ब्लाउज अब की थोडा छोटा और टाईट था. इतना टाईट था की अंदर की ब्रा पूरी दिख सी रही थी. वो किचन में गई और मैं भी चुपके चुपके उधर गया. माँ चाय बना रही थी और अब्दुल उसके पीछे खड़ा हो गया. माँ की गांड के ऊपर उसने लंड को अपनी पतलून खोल के रख दी. मम्मी ने मूड के देखा और वो एकदम गुस्से से बोली, साले हरामी क्या कर रहा हैं आज पुलिस के डंडे खायेगा तू और मेरे पति के भी! अबुल ने माँ के बूब्स पकडे और बोला, साली छिनाल तू इतनी भोली भी नहीं है, अपने बेटे का ल्लांड लेते हुए सब सीधासादा नेचर कहाँ गया था तेरा!

और अब्दुल ने आगे कहा, साली चुपचाप खड़ी रहना वरना तेरे और तेरे बेटे की वीडियो पुरे मोहल्ले को फ्री में बाँट दूंगा! मेरी माँ पहले तो एकदम ही डर गई अब्दुल के मुहं से ये सब बात सुन के. और फिर उसे शर्म आ गई और उसने पल्लू से खुद के मुहं को ढँक लिया. अब्दुल ने अब अपना पाजामा पूरा उतार दिया. मम्मी फिर से चाय बनाने लग गई. और अब्दुल का लम्बा और मोटा लंड मम्मी की गांड पर घिसा जा रहा था. अब्दुल का लान्दितना बड़ा था की मैं भी एक पल के लिए सोचने लगा की यार माँ कैसे इस लंड को अपने अंदर ले पाएगी.

उसने तुरंत अब माँ का ब्लाउज फाड़ दिया. ब्लाउज का हुक ही उसने तोड़ दिया था. माँ अब सिर्फ अपनी ब्रा में थी. वो चिल्लाई और अपने हाथ से अपनेआप को ढंकने लगी. फिर मोम ने निचे नजर की तो वो भी शोक हो गई. उसने ज़बरदस्ती माँ को स्मूच किया और पागलों की तरह वो उसके बूब्स भी दबाने लगा. उसने माँ का हाथ लिया और उसमे अपना लंड पकड़ा दिया. 2 मिनिट के बाद मोम ख़ुशी ख़ुशी उसके लंड को हिलाने लगी. वो निचे झुकी और लंड को जोर से हिलाने लगी. माँ ने अब अब्दुल को कहा तेरा लंड तो काफी बड़ा और मस्त है!

अब्दुल ने बोला मस्त तो तब लगेगा जब तेरे भोस के अंदर दूंगा. माँ चीलाई की मम्मी ने अब्दुल को कहा अरे मैं इतना बड़ा लंड नहीं ले पाउंगी. उसने माँ को खड़ा किया और साड़ी को ऊपर कर दिया. और उसने माँ को किचन के प्लेटफोर्म के ऊपर बिठा दिया. और पेंटी को निकाल दिया.

अब अब्दुल मेरी माँ की पुसी को लिक करने लगा. माँ बहुत ही जोर जोर से मोअन कर रही थी. फिर उसने माँ को उतारा और पूरी साडी उतार दी. फिर अपना लंड पीछे से उसने घुसाया. माँ बोली मत घुसाओ पर वो नहीं माना.

मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था और दर्द किए ना हो जब इतना बड़ा मोन्सटर लंड घुस जाए चूत के अंदर तो अच्छे से अच्छी चूत की बेंड बज सकती है. वो माँ को बहुत ही जोर जोर से चोद रहा था जैसे की उसमे बहुत सब अनुभव हो चुदाई का. उसने फिर मम्मी को उठाया और बेड के ऊपर लाया. मैं तुरंत भागा और  बेड के निचे छिप गया. वो मम्मी को कुत्ते की तरह छोड़ रहा था और बूब्स को तो बहुत ही जोर से स्क्वीज कर रहा था. ऐसे लग रहा था की माँ की चूंची से अभी दूध बहार अ जाएगा. फाइनली उसने माँ के मुहं पर ही कम कर दिया. उसने उतना सब कम निकाला की मानों 20 साल से किसी को चोदा ना हो और सच ये था की आज के दिन ही मैंने उसे किसी और को चोदते हुए देखा था.

मम्मी ने पूरा लंड चूस लिया और वो सो गई. मैंने निचे से निकला और माँ की भोस को देखा तो बहुत बड़ा होल था करीब 2 इंच त्रिज्या थी उसकी. मैं चुपके से बहार निकल आया और अब्दुल ने रूम बंद कर दिया. मैंने धीरे से उसे बोला डील के मुताबिक़ तू यहाँ से काम छोड़ देगा और अब हम तेरे घर पर मिलेंगे.

अब्दुल की वाईफ का नाम जीनत था, मैं डर  रहा था की मैं उसे कैसे चोदुंगा! लेकिन हम जैसे ही पहुंचे तो हम बैठे और उन्होंने बात की. वो धंधा करती थी और अब्दुल की वाईफ एक रंडी ही थी. अब्दुल जीनत के लिए ग्राहक ले के आता था. और जीनत जिन घरो में काम करती थी वहां की हाउसवाइफ को अपने पति के बड़े लंड से चुद्वाती थी.

जीनत ने मेरे को पूछा की कहो कोई कोस्च्यूमपहनू, डॉक्टर, टीचर वगेरह का? मैंने बोला तुम बुरका ही पहन लो अपना! और वो अन्दर जा के बुरका पहन के  बहार आई.

मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखा और उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. मैंने बूब्स को दबाये और फिर उसके बुर्के को ऊपर किया और उसकी ब्लेक पेंटी भी उतार दी. और उसकी चूत को ऊँगली से हिलाने लगा. उसकी चूत थोड़ी सी लूज थी शायद बहुत चुदवा चुदवा के. फिर मैंने उसके मुहं में अपना लंड दिया. और वो इतना मस्त लंड चूस रही थी की कसम से मुझे बहुत ही मजा आ गया.

और फिर मैंने जीनत की चूत में अपना लंड घुसाया और उसे चोदने लगा. साथ में मैं उसके बूब्स को भी दबा रहा था. फिर मैंने सोचा की उसकी चूत में ही पानी निकाल लूँ. इसलिए मैं रुका नहीं जब मेरा वीर्य धार पर आया तो भी. ऊपर से मैंने उस वक्त और भी जोर जोर से उसकी चुदाई चालू कर दी. और मैंने उसके देसी भोसड़े को अपने लंड की मलाई से भर दिया!!! मुझे अब्दुल की वाइफ को चोदने में बड़ा मज़ा आ गया!

मैं घर गया तो लॉक खोला तो माँ अभी अभी वैसे ही पड़ी हुई थी. मैंने पूछा की ये सब कैसे हुआ तो वो मुझे बोली की साले हरामी अब्दुल ने अपने बड़े लोडे से मुझे खूब चोदा और मेरी चूत को पूरा सुजा दिया. मैंने माँ की सूजी हुई चूत में अपना लंड दे दिया. माँ ने मुझे एक थप्पड़ मारी और बोली अरे ये पहले से ही सूजी हुई है और तू उसके ऊपर मलम लगाने के बजाय उसको और दर्द दे रहा है. तुझे मेरी दया भी आती है की नहीं!

माँ ने मुझे बोला की अब तू मुझे एक हफ्ते के पहले मत चोदना. लेकिन मैं नहीं माना और उसकी चूत में अपना लंड घुसाए रखा. और माँ की आँखों से आंसू आ रहे थे. मैंने पांच मिनट तक माँ को चोद चोद के अपनी मलाई उसके अन्दर ही छोड़ दी.

उस दिन के बाद से अब्दुल सच में हमारे घर काम पर नहीं आया. लेकिन मैं आज भी उसके घर पर पैसे दे के उसकी बीवी को चोदने के लिए जाता हूँ!

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