वर्जिन भाभी की चूत और गांड फाड़ दी

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हाई दोस्तों हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पढने वाले सभी दोस्तों को राहुल का प्यार और सलाम. आज की ये कहानी मेरा पहला सेक्स अनुभव हैं. मैं एक कोलेज स्टूडेंट हूँ और मेरी हाईट 5 फिट 7 इंच हैं. दिखने में मैं एकदम डिसेंट और क्यूट लगता हूँ. मेरी आज की ये कहानी मेरी पड़ोसन भाभी सरला को चोदने की हैं.

उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या थी यार वो एकदम पटोला थी उनकी हाईट साड़े पांच फिट की हैं और फिगर 36 28 36 का. उनकी अभी नयी नयी शादी हुई थी और भैया काम को ले के कुछ ज्यादा ही सिरियस थे. मेरा अक्सर उनके घर आना जाना होता था. भैया ज्यादातर आउट ऑफ़ टाउन होते थे तो भाभी अपनी सास के साथ घर पर रहती थी.

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एक दिन जब आंटी कही गई थी यो भाभी घर पर अकेली थी. तो मैं ऐसे ही चुपके से चला गया. वो बेड पर उलटी लेटी हुई थी उन्होंने रेड स्यूट और ग्रीन लेगिंग पहनी हुई थी. उन्हें पता नहीं चला की मैं आया हूँ और मैं उन्हें देख रहा था. अचानक उनकी कमर के निचे थोड़ी खुजली हुई तो वो अपना स्यूट ऊपर उठाकर खुजाने लगी.

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खुजाने के बाद भाभी अपने स्यूट को निचे करना भूल गई उनकी कमर गोरी थी और लेगिंग में उनकी गांड का शेप बिलकुल साफ़ दिखाई दे रहा था. क्या गांड थी यार भाभी की, गोल गोल चूतड़! मेरी उनके लिए फिलिंग एकदम से जाग गई थी. मन कर रहा था की अभी जा के उनकी गांड चाटने लग जाऊ. मैं भाग के भाभी के बाथरूम में गया. वहां भाभी के कुछ कपडे थे और उनकी ब्रा पेंटी भी थी. भाभी बड़ी ही स्टाइल वाली ब्रा और पेंटी पहनती हैं.

मैंने भाभी की पेंटी को उठाई और उसे सहलाने लगा. पेंटी के अन्दर से भाभी की चूत की मादक खुसबू आ रही थी. और मुझे बार बार भाभी की गांड याद आ रही थी. मैंने पेंट निकाली और भाभी को याद कर के मुठ मारने लगा बड़ा मज़ा आ रहा था भाभी को याद कर के. मैं फिर अपने घर चला गया और भाभी को चोदने का प्लान बनाने लगा.

मुझे पता चला की भाभी की सास कुछ दिन अपने गाँव जा रही हैं और भैया तो सिर्फ रात को घर आयेंगे. तो भाभी दी में घर पर अकेली रहनेवाली हैं. मैंने सोचा लिया था की इस बार भाभी को किसी भी तरह से चोदना ही हैं बस.

मैं अगले दिन जब भैया के ऑफिस जाने के बाद भाभी से मिलने उनके घर गया तो उन्होंने वही सलवार स्यूट पहना हुआ था. मैं और भाभी बातें करने लगे. बात करते करते मैंने देखा की भाभी की मिडल वाली ऊँगली को छोड़ के बाकी की सभी उँगलियों के नाख़ून बड़े थे. मैंने भाभी का हाथ पकड़ के पूछा भाभी बाकी सब नाख़ून बड़े हाँ फिर इस ऊँगली को क्या हुआ?

भाभी थोड़ी शर्मा कर बोली बस ऐसे ही. मैं बोला इस से कुछ ख़ास काम करना पड़ता हाँ क्या? भाभी हंस कर जाने लगी तो मैंने भाभी का हाथ पकड लिया और पूछा बता दो ना यार! वो बोली तुझे पता हैं फिर क्यूँ पूछा रहा हैं. भाभी शर्म से पूरी लाल हो चुकी थी. मैंने उनके कान के पास जाकर कहा इसे आप अपनी चूत में तो नहीं डालती? वो एकदम से सहम गई और बोली, चुप पागल बोलना जरुरी था! मेरी हिम्मत बढ़ रही थी. मैंने भाभी से पूछा लिया की भैया के होते हुए इन सब की क्या जरूरत हैं. तो एकदम से भाभी के चहरे पर उदासी आ गई.

भाभी बोली राहुल तुम्हारे भैया को ना थोड़ी सेक्सुअल प्रॉब्लम हैं. और उनकी आँखों से आंसू आ गए. मैं भाभी के पीछे से लिपट गया और बोला भाभी आई लव यु! भाभी एकदम से शॉक हो गई उन्होंने मुझे दूर हटाया और बोला नहीं राहुल ये गलत हैं. मैंने उन्हें समझाया की भाभी आप मुझे सच में बहुत अच्छी लगती हो. और आप भी तो मुझे पसंद करती हो. वो बोली लेकिन फिर भी और वो जाने लगी. मैंने उन्हें पकड़ के बेड पर बिठाया और उनकी गोदी में सर रख कर बोला भाभी प्लीज़ मुझे अपने से अलग ना करो!

भाभी मुझसे सिर्फ 2 साल ही बड़ी थी. उन्हें भी मुझपे प्यार आने लगा. वो मेरे बालो में हाथ फेरने लगी और मेरे गालो को पकड़कर बोली आजा मेला बच्चा मेला देवर. और वो मेरा माथा चूमने लगी मुझे भी उनपे बेशुमार प्यार आ रहा था मैंने आह्ह्हह्ह कर दिया और भाभी को कहा तुम सिर्फ मेरी हो. और मैं उनके गुलाबी होंठो को चूमने लगा. उनके होंठ बिलकुल रस से भरे हुए थे. और दिखने में एकदम गुलाबी. मैं उनके होंठो का सारा रस खिंच रहा था. तभी मैंने अपने हाथ उनके स्यूट के अन्दर डाल दिये. और मैं उनके बूब्स उनकी चुचियों को पूरी तरह से मसलने लगा. हम दोनों की साँसे तेज हो गई थी. फिर मैंने उनका स्यूट उतार दिया और उनकी सलवार का नाडा खोल दिया. और निचे कर के उतार दिया. अब भाभी ब्रा और पेंटी में बेड पर लेटी हुई थी.

काली ब्रा और जालीदार पेंटी में भाभी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. मैंने भी अपने कपडे उतार दिए और मैं भी अंडरवियर में उनके निपल्स पीना चाहता था तो मैं उनकी ब्रा खींचने लगा. मैं बिलकुल पागल हो रहा था. तबिः भाभी बोली अरे ये निकलती भी हैं फाडोगे क्या इसे और ये कह के उन्होंने अपनी ब्रा का हुक खोल दिया.

मैंने भाभी की ब्रा उतार फेंकी और उनके निपल्स को चूसने लगा, काटने लगा. उनके बूब्स टाईट होने लगे. तभी मैंने अपना हाथ उनकी पेंटी में घुसा दिया. भाभी की सिसकी निकल गई. फिर मैंने अपनी ऊँगली उनकी प्यारी सी पुसी में डाल दी. भाभी तो मानो पागल सी हो गई हो. अब सिसकियों के साथ अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह की आवाजे भी आने लगी थी. मैंने अब उनकी पेंटी उतार फेंकी तो भाभी बिलकुल नंगी हो गई.

वो एकदम पटाखा लग रही थी गोरी गोरी चूचियां और क्लीन शेव्ड मखाखन के जैसी चूत. मेरे मुहं में पानी आ गया. मैंने कहा सरला भाभी आप की चूत तो बड़ी प्यारी हैं. तो भाभी बोली, बाबु मैं भी तेरी हूँ और ये चूत भी अब तेरी ही हैं. अब जो करना हैं करो इसके साथ. मेरे दोनों हाथ भाभी की गोल गांड की दरार में थे उस वक्त.

फिर मैं भाभी की चूत को चाटने लगा. अपनी जीभ से मैं चूत को गुदगुदी करवा रहा था. उन्हें बड़ा मज़ा आ रहा था वो अपनी गांड को ऊपर कर रही थी. वो मेरे लंड को सहलाने लगी. मैंने अपना लंड निकालकर उनके हाथ में दे दिया और कहा भाभी मेरा नूनू आप की पुसी को बहुत पसंद करता हैं. वो हंसने लगी और बोली नुनु तो बच्चो के होते हैं, ये तो लोडा हैं! राहुल सच में तुम्हारा लोडा बहुत बड़ा हैं आज मेरी बेचारी चूत की खेर नहीं. मैं समझ गया वो अब चुदने के लिए बेताब थी.

फिर मैंने अपने लंड को धीरे से भाभी की चूत में थोडा सा डाल दिया. वो आह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी और बोली अह्ह्ह राहुल मजा आ रहा हैं. मैंने थोडा और जोर लगाया तो उनकी आवाज तेज होने लगी. मुझे अब रहा नहीं जा रहा था. मैंने पूरा जोर लगाया और धक्के से पूरा लंड उनकी चूत में घुसेड दिया. उनके मुहं से आवाज निकली अह्ह्ह्हह्ह ऐईईईइ आऊऊच.

लंड के इस धक्के से भाभी रोने लगी थी. और उनकी चूत के अन्दर से खून भी निकल रहा था. उनकी चूत बिलकुल ही टाईट थी. अब मैं समझ गया की भैया उनको अछे से चोद ही नहीं पाते थे. शायद भैया के अन्दर ही कोई कमी थी. भाभी जोर जोर से सिस्कारियां भर रही थी उन्हें बहुत दर्द हो रहा था. मैंने जब एक दो झटके लगाये तो भाभी रो रोकर बोली अह्ह्ह्ह राहुल मर गई ओये अह्ह्ह्हह्ह प्लीज़ आराम से कर मारेगा क्या मुझे, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!

मैं अब पागल हो रहा था और जोर जोर से झटके मारने लगा. वो पूरा हिल रही थी. उनको अछे से छोड़ के मैं जब झड़ने वाला था तो मैंने वो चूत में ही झाड दिया. उनके अन्दर एक अजब सी ठंडक हो गई.

मैं अपना लंड अब उनके मुहं के पास ले गया और उसे जोर जोर से चूसने को दे दिया भाभी को. उसके मुहं से अह्ह्ह अह्ह्म्मम्म अम्म्मम्म की आवाजें निकल रही थी. और मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया था. भाभी ने कहा अरे ये तो फिर से खड़ा हो गया लेकिन मेरी वजाइना में बहुत दर्द हैं, और कितना चोदना हैं?

मैंने कहा अब आप की मोटी गांड की बारी हैं. वो हंसने लगी और बोली इस बेचारी को तो छोड़ दो, चूत को फाड़ के तेरा मन नहीं भला. मैंने कहा भाभी तेरी गांड को मेरे लंड के दर्शन करवाने जरुरी हैं. तब तक मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था और भाभी बार बार बोल रही थी मान जा यार. मैंने कहा नहीं बस तुम अपनी टांगो को खोल के अपनी गांड का छेद दिखा दो मुझे.

भाभी ने टाँगे फैलाई और अपनी गांड को टाईट कर रही थी. मैंने उनके कुल्हे उठाकर थोड़े चौड़े किये तो उनकी गांड का छोटा सा छेद दिखाई दिया. मैंने अपने लंड को उसके सामने रखकर धक्का लगा दिया तो भाभी रोने लगी, अह्ह्ह्ह बाप रे निकाल अह्ह्ह्ह बाप रे सब चमड़ी छिल गई और जल भी रही हैं, अह्ह्ह्ह बाप रे!

मैंने झट से भाभी के मुहं को दबा दिया. वो तडप रही थी क्यूंकि लंड पहले झटके में ही उनकी गांड को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया था. मैंने अपना हाथ हटाया तो बोलने लगी मर गई रे कमीने निकाल ले इसे गांड फट चुकी हैं अब मेरी.

मैंने कहा अभी कहा, थोड़ी देर शांत रह बस.

भाभी आंसू आँख में होने के बावजूद भी हंस रही थी और उसने कहा यहाँ मेरी गांड फट रही हैं और तू कहता हैं शांत रहूँ. मैं भी हंसने लगा और फिर झटको का सिलसिला शरु कर दिया मैंने. इस बार उनकी गांड की चुदाई काफी देर तक चली. मैंने कहा छूटने वाला हैं. भाभी बोली मुझे टेस्ट करना हैं. मैंने अपना लंड निकाल के भाभी के मुहं में दे दिया. और अपने सब वीर्य को मुहं में ही भर दिया. वो शक्ल बना रही थी शायद उसे वीर्य का सवाद अच्छा नहीं लगा. मैंने एक एक बूंद को भाभी के मुहं में ही छोड़ी और मेक स्योर किया की वो सब का सब माल पी जाए.

खड़े होते हुए मैंने कहा सरला भाभी आज तो आप ने सच में मुझे जन्नत की सैर करवा दी. वो बोली हां और तूने मुझे दिन में तारे दिखा दिए. हम दोनों फिर कपडे पहनने लगे.

वो बोली मैं नहा के तुम्हारे लिए चाय बनाती हूँ. मैंने कहा ठीक हैं. भाभी उठी तो लेकिन उस से ठीक से चला भी नहीं जा रहा था. मैंने कहा ऐसे क्यूँ चल रही हो और मैं हंसने लगा. वो भी हंसकर कहने लगी कमीने पूरा दिन चुदाई की मेरी और अब पूछ रहा हैं की भाभी ऐसे क्यूँ चल रही हो! सच में यार चूत और गांड दोनों ही दर्द कर रहे हैं. मैंने कहा आगी चुदाई में सब ठीक हो जाएगा. और भाभी शर्मा के नहाने चली गई और बाद में हम दोनों ने चाय पी.

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